प्रहरी संवाददाता/बोकारो। झारखंड के प्रवासी मजदूरों के मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इसी क्रम में 5 अक्टूबर की संध्या बोकारो जिला के हद में चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के तरंगा के मजदूर की मुम्बई के वाशी में ईलाज के दौरान मौत हो गयी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तरंगा निवासी साधु तुरी के 35 वर्षीय पुत्र धर्मदेव तुरी महाराष्ट्र के मुम्बई स्थित बेलापुर में होटल में काम करता था।जिसका 5 अक्टूबर की संध्या अचानक तबीयत खराब हो गया।उसकी बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उसे वाशी स्थित एनएमएमसी जेनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां रात 9 बजे ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी।
बताया जाता है कि तरंगा गांव में धर्मदेव तुरी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी सोनी देवी, पुत्र आकाश तुरी (14 वर्ष), पुत्री पुनम कुमारी (12 वर्ष) और पुत्र विवेक कुमार (08 वर्ष) को बिलखता छोड़ गया। विपत्ति की इस घड़ी में बेबस सोनी देवी ने अपने पति का शव लाने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई हैं।

इस घटना को लेकर प्रवासी मजदूरों के हितार्थ कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने कहा कि झारखंड के नौजवानों की मौत के मुंह में समाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई प्रवासी मजदूरों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार मजदूर हित में कुछ पहल नहीं कर पा रही है जिससे झारखंड से मजदूरों का पलायन तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि मृतक का शव मुंबई से उनके पैतृक गांव लाने के लिए उनके स्तर से हर संभव मदद करने का प्रयास किया जा रहा है।
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