प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। झारखंड के प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इसी क्रम में हजारीबाग जिला के हद में बिष्णुगढ थाना क्षेत्र के जोबर फुसरो के मजदूर की चैन्नई में एक दिसंबर को मौत हो गयी। मौत के बाद परिजनों ने मृतक के अंतिम दर्शन के लिए सरकार से गुहार लगाई है।
बताया जाता है कि बिष्णुगढ थाना क्षेत्र के जोबार फुसरो रहिवासी कोकील महतो के पुत्र सरजू कुमार महतो की चैन्नई में मौत हो गयी। मौत की सूचना मिलते ही परिजनो का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के ग्रामीण भी शोक में हैं। मृतक के परिजनों के अनुसार सरजू चैन्नई में इलेक्ट्रो स्टील टेस्टिंग राधा रानी इंटरप्राइजेज कंपनी में काम करता था। वह घर का एकलौता कमाऊ युवा था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण चैन्नई से शव लाने में असमर्थ हैं।
इस घटना को लेकर प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली ने संवेदना प्रकट की है। उन्होंने सरकार से चैन्नई से उचित मुआवजे के साथ शव लाने की अपील करते हुए कहा कि झारखंड के नौजवानों की मौत के मुंह में समाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई प्रवासी मजदूरों की काम के दौरान मौत हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि रोजी-रोटी की तलाश में प्रदेश गये प्रवासी झारखंडी मजदूरों की मौत का सिलसिला जारी है। हर रोज झारखंड के किसी न किसी इलाके से प्रवासी मजदूर की दूसरे राज्यों या विदेश में मौत की खबरें आ रही है। कहा कि सरकार को झारखंड में ही रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि मजदूरों का पलायन रोका जा सके।
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