प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय एवं प्रधान जिला जज एव सत्र न्यायाधीश बोकारो रंजना अस्थाना के निर्देश पर तेनुघाट व्यवहार न्यायालय परिसर में आगामी 11 फरवरी को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होना है।
राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के परिसर में 20 जनवरी को व्यवहार न्यायालय के जिला जज प्रथम के नेतृत्व में अनुमंडल पुलिस प्रशासन (Police Administration)के साथ बैठक हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला जज प्रथम राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि न्यायालय द्वारा जब भी थाना से केस डायरी की मांग की जाए तो उसे तुरंत ही न्यायालय भेज दिया जाए। ताकि बेल के मामलों में देर ना हो और उसका त्वरित निष्पादन हो।
अगर किसी केस के जांच अधिकारी छुट्टी पर या प्रशिक्षण पर जा रहे हैं तो केस डायरी अपने सहयोगी या थाना प्रभारी को सौंप कर जाए। जिससे केस डायरी का काम आगे बढ़ता रहे। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के लिए भेजे जा रहे सभी नोटिस का तमीला आगामी 27 जनवरी तक अवश्य करवा दें, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन हो सके।
प्री लिटिगेशन का डाटा भी 27 जनवरी तक तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के एसडीजेएम सह अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव दीपक कुमार साहू के पास जमा करवा दें। उन्होंने नोडल अधिकारी को भी बताया कि हर मुकदमो की जांच करें।
जिस केस के चार्ज हो गए हो उसमें गवाहों को खबर कर न्यायालय में गवाहों को लाए। अगर किसी केस में अभियुक्त का वारंट होता है उन्हें भी तमिला करा दें। साथ ही वारंट और तमिला थाना पहुंच गया है तो थाना भी पहुंच कर देखें कि उस पर कार्रवाई हो रही है या नहीं।
जिला जज द्वितीय अनिल कुमार ने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को न्यायालय में दाखिल करने वाले डायरी के बारे में कई जानकारियां दी, कि किस तरह डायरी लिखें। जिससे पुलिस कोई परेशानी ना हो और न्यायालय को भी सुलभता हो।
जिससे सभी को न्याय मिल सके। इस तरह उन्होंने कई जानकारियां दी जिससे जांच अधिकारी को डायरी लिखने में आसानी हो। एसीजेएम विशाल गौरव ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निष्पादन में आपका सहयोग जरूरी है। जिससे ज्यादा से ज्यादा मामलों का निष्पादन हो सकता है।
एसडीजेएम सह अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव दीपक कुमार साहू ने कहा कि न्यायालय से जो भी सम्मन संबंधित व्यक्ति को भेजा जाए। उसे उस व्यक्ति तक पहुंचा कर उसे मामले को निष्पादन करने के लिए न्यायालय आने को कहें।
उन्होंने बताया कि आगामी 28 जनवरी को पुनः एक रिव्यू बैठक होगी, ताकि यह पता चल सके कि सभी व्यक्ति के बीच सम्मन का तमिला हो सका है या नहीं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी लगे लोक अदालत एवं राष्ट्रीय लोक अदालत में पुलिस प्रशासन (Police Administration) का काफी सहयोग रहा है।
उम्मीद है इस बार भी पूरा सहयोग मिलेगा। बैठक में उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों ने न्यायिक पदाधिकारियों को यह आश्वासन दिया कि जितने भी नोटिस थाना में पहुंचेंगे, सभी का तामिला होगा। अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन करवाने में हम भी न्यायालय का पूरी तरह सहयोग करेंगे।
बैठक में सब जज राजीव रंजन कुमार, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी साक्षी श्रीवास्तव, रूपम स्मृति टोपनो, थाना प्रभारी शैलेश कुमार चौहान, गुलाब किस्पोट्टा, सुनील कुमार, प्रिंस कुमार सिंह, अभिषेक महतो, मुस्ताक आलम, सुमन कुमार, महावीर पंडित, आदि।
ध्रुवेश कुमार, अनूप कुमार सिंह, मनोज कुमार महतो, रंजीत कुमार, रजी अहमद, राजेश कुमार सिंह, रघुवंश मणि सिंह, उज्ज्वल कुमार साहित अनुमंडल के दर्जनों पुलिस पदाधिकारी, न्यायालय कर्मी रामकृष्ण गुप्ता, दीपक चन्द्र गुप्ता, सुजय कुमार, रितेश कुमार आदि उपस्थित थे।
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