हरिहरक्षेत्र धर्म और अध्यात्म की भूमि, यज्ञ ऐसा हो कि कोई भूखा न लौटे-विनोद
प्रहरी संवाददाता/सारण (बिहार)। हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय अध्यक्ष ने सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला क्षेत्र में आगामी 25 फरवरी से आरंभ हो रहे हरिहरात्मक महायज्ञ की तैयारी को लेकर बीते 8 फरवरी को बैठक की।
आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए मंच के प्रांतीय अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि हरिहरक्षेत्र धर्म और अध्यात्म की दृष्टि से अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि जिस स्थल पर स्वयं भगवान श्रीहरि (विष्णु) पधार चुके हों उससे पवित्र भला और क्या हो सकता है।
इसी बीच उन्होंने काशी से प्रयाग एवं हरिद्वार में कुंभ के दौरान आयोजित होने वाले अन्य क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि हरिहरात्मक महायज्ञ के दौरान भी ऐसी ही व्यवस्था होनी चाहिए कि कोई भी यहां से भूखा नहीं लौटे।
यादव ने हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला के दौरान हाथियों के आगमन पर लगे रोक के विषय को उठाते हुए कहा कि केरल तथा दक्षिण भारत के विभिन्न मठ-मंदिरों में आज भी यज्ञ एवं पूजा में हाथियों को प्रथम स्थान दिया जाता है।
वहां के कई मंदिरों में तो हाथी अपने सूंड में घंटी लेकर बजाता है तभी पूजा आरंभ होती है। यहां ऐसा क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि इस मेले का आरंभ ही गज और ग्राह की कथा से होता है, बावजूद इसके यहां हाथी के आगमन पर रोक लगाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
बैठक में हरिहर क्षेत्र जन जागरण मंच के अनिल कुमार सिंह, मंच के अध्यक्ष सतीश प्रसाद साह, अधिवक्ता उदय प्रताप सिंह, शत्रुघ्न सिंह, दीना सिंह, दयाशंकर सिंह, तारकेश्वर प्रसाद गुप्ता, शशि भूषण प्रसाद, कृष्णकांत सिंह, कृष्ण प्रसाद, ध्रुव देव शर्मा आदि की मौजूदगी में यह भी निर्णय लिया गया कि यज्ञ के दौरान हरिहरक्षेत्र के पर्यटकीय विकास को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा, जिसे सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
दूसरी ओर हरिहरात्मक महायज्ञ की तैयारी यहां जोर-शोर से चल रही है। यज्ञ मंडप का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है। दक्ष आचार्यों की देखरेख में इसका निर्माण किया जा रहा है।
यज्ञ के संरक्षक मंडल में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी गुप्तेश्वरजी महाराज, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य जी महाराज एवं बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष व लोक सेवा आश्रम के व्यवस्थापक संत विष्णु दास उदासीन उर्फ मौनी बाबा के अलावा अनेक महत्वपूर्ण महामना शामिल हैं।
बताया गया कि इस महायज्ञ के अवसर पर संत सम्मेलन भी होगा। जिसमें देश के अनेक धर्माचार्यों का यहां यज्ञ के दौरान आगमन हो रहा है। धर्म सभा, संत समागम, सनातन की विशेषताएं, धर्म एवं अध्यात्म पर आधारित कवि सम्मेलन तथा धार्मिक दृष्टिकोण से हरिहर क्षेत्र के पर्यटकीय विकास आदि पर भी चर्चा होगी।
यह निर्णय बीते 8 फरवरी की संध्या सोनपुर मेला ग्राउंड के नखास स्थित यज्ञ स्थल पर आयोजित बैठक के दौरान किया गया। बैठक की अध्यक्षता साहित्यकार सुरेंद्र मानपुरी ने की।
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