जिला, प्रखंड, थाना, पंचायत स्तर पर होने वाले पत्राचार में दहेज कुप्रथा के थीम का किया जाएगा उल्लेख-उपायुक्त
एस. पी. सक्सेना/देवघर (झारखंड)। देवघर जिला उपायुक्त (Deoghar District Deputy Commissioner) की अध्यक्षता में 5 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर होनेवाले विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर ऑनलाइन बैठक किया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त – सह – प्रशासक देवघर नगर निगम, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर व मधुपुर, वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, आदि।
जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी, अधीक्षण अभियंता विद्युत आपूर्ति अंचल देवघर, अभियंता पथ निर्माण विभाग, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, आदि।
जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित थे।
जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आगामी 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s day) के अवसर पर किए जाने वाले कार्यो एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया, ताकि जिले में विशेष जनजागरूकता अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करते हुए लोगों को जागरूक किया जा सके।
साथ ही दहेज कुप्रथा को समाज से खत्म करने के उद्देश्य से सभी को शपथ दिलाते हुए दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया जा सके। इस कड़ी को और भी सशक्त करते हुए दहेज कुप्रथा को लेकर इस वर्ष का थीम दहेज़ नहीं यह पैसा है, क्या आपका चरित्र भी ऐसा है। एवं दहेज़ प्रथा नहीं व्यापार है, लालची लोगों का हथियार है।
ऑनलाइन बैठक (Online Meeting) के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दहेज कुप्रथा को लेकर निर्धारित थीम का उल्लेख करते हुए जिला, प्रखंड, थाना, पंचायत स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करें।
उपायुक्त ने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के लिए आमजन का सहयोग जरूरी है। यह तभी संभव है जब लोग इसके बारे में जागरूक हों। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियां समाज, देश व प्रदेश की प्रगति में बाधक है। जिन्हे समाप्त करने के लिए लोगों का सहयोग जरूरी है।
दहेज कुप्रथा जघन्य अपराध है, जो समाज पर कलंक है। उन्होंने कहा कि सरकार व जिला प्रशासन (District Administration) द्वारा इसे प्रभावी ढंग से रोकने के लिए कडे़ कदम उठाए जा रहे है। इसे लोगों को जागरूक करके और सामाजिक अभियान चलाकर ही समाप्त किया जा सकता है, जिसमे सभी का सहयोग आपेक्षित है।
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