अवैध नर्सिंग होम, जांच घर यत्र तत्र फेंक रहा मेडिकल कचड़ा
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर शहर में बेतरतीब फेंका जा रहा मेडिकल कचड़ा मानव से लेकर पशु-पक्षी तक के लिए कई बीमारियों का कारण बन रहा है। बाबजूद इसके स्वास्थ्य विभाग चीर निद्रा में सोई है। अगर स्वास्थ्य विभाग शत प्रतिशत मेडिकल कचड़ा संग्रह नहीं कराती है तो भाकपा माले आंदोलन चलाने को बाध्य होगी।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए 21 अगस्त को चर्चित आंदोलनकारी सह भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि समस्तीपुर जिला मुख्यालय के मोहनपुर रोड, अस्पताल रोड, पुरानी महिला कॉलेज रोड, काशीपुर समेत जिला मुख्यालय के अन्य जगहों पर स्थित नर्सिंग होम, अस्पताल, चिकित्सक के निजी क्लिनिक, आदि।
जांच घर से बड़े पैमाने पर मेडिकल कचड़ा मसलन सिरिंज, सलाईन सेट, ओटी अवशेष, आपरेशन अवशेष, गंदे कपड़े, रक्तयुक्त रूई, सेनेटरी पैड, डेड भ्रूण आदि फेंक दिया जाता है। इसे कुत्ते, बिल्ली, गाय, पक्षी आदि चाहे अनचाहे में खाकर गंभीर बीमारी का शिकार हो जाता है। यह पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है।
माले नेता सिंह ने बताया कि इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मेडिकल कचड़ा संग्रह के लिए निजी कंपनी मेडिकेयर को ठेका दिया गया, लेकिन मेडिकेयर की टीम पैसे उगाही पर अधिक और कचड़ा उठाव पर कम ध्यान देती है। यहाँ तक की मेडिकेयर की कचड़ा उठाव गाड़ी सभी नर्सिंग होम, अस्पताल, क्लिनिक, जांच घर आदि जगह पहुंचती भी नहीं है। अक्सर मेडिकेयर की गाड़ी को सप्ताह, 15 दिन में कचड़ा संग्रह करते देखा जाता है।
सिंह ने बताया कि माले जांच टीम को बारह पत्थर के दुकानदार मो. सगीर ने बताया कि मवेशी अस्पताल के दीवार पार स्थानीय नर्सिंग होम द्वारा कचड़ा फेंका जाना अक्सर दिखाई देता है। काशीपुर के दुकानदार मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मिश्रा कंप्लेक्स के पास सड़क के दक्षिणी किनारे मेडिकल कचड़ा का अंबार लगा रहता है।
मनोज शर्मा ने बताया कि अस्पताल रोड, बालिका उच्च विधालय आदि जगहों पर बड़े पैमाने पर मेडिकल कचड़ा जमा रहता है।
जब जांच टीम ने मेडिकेयर से जुड़े व्यक्ति से पूछा तो उन्होंने बताया कि सभी नर्सिंग होम, अस्पताल, क्लिनीक, जांच घर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। वहीं राहगीर सड़क पर मेडिकल कचड़ा फेंकते हैं। यहां के कई चिकित्सक ने बताया कि मेडिकेयर से जुड़े व्यक्ति आकर पैसा लेकर चले जाते हैं, लेकिन रोज कचड़ा उठाने नहीं आता है। फलतः कचड़ा बाहर फेंकवाना पड़ता है।
भाकपा माले नेता सिंह ने सिविल सर्जन से तत्काल शत प्रतिशत मेडिकल कचड़ा उठाने की व्यवस्था करने, कचड़ा उठाने में लापरवाही करने वाले मेडिकेयर पर कार्रवाई करे अन्यथा उन्होंने आंदोलन चलाने की बात कही।
132 total views, 1 views today