प्रहरी संवाददाता/कसमार (बोकारो)। राजस्थान के दौसा शहर में डॉ अर्चना शर्मा के आत्महत्या मामले को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर झारखंड स्वस्थ्य सेवा संगठन के बैनर तले बोकारो के चिकित्सकों ने 2 अप्रैल को मेडिकल कामो से अपने आप को अलग रखा। सदर अस्पताल में आउटडोर सेवा पूरी तरह से ठप्प रही।
डॉक्टरों के इस हड़ताल की वजह से ज़िले के दूरदराज से आये मरीजो को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी सेवा को हड़ताल से मुक्त रखा गया था। डॉक्टरों ने बताया कि जिस मानसिक दबाब के आगे डॉ शर्मा को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा, यह घटना बताती है कि आज डॉक्टर कितने दबाब में काम करते है।
पूरे देश मे आये दिन अस्पतालों में तोड़फोड़, मारपीट आम घटना हो गई है। ऐसे में डॉक्टर अपने आप को कैसे सुरक्षित महसूस करे। हम सरकार से डॉक्टरों की सुरक्षा मज़बूत करने की मांग करते है।
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