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मुजफ्फरपुर स्टेशन क्षेत्र में जलजमाव समस्या के स्थायी समाधान के लिए उपाय

भारतीय रेल और आईआईटी पटना के बीच तकनीकी सहयोग

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। पूर्व मध्य रेलवे के हद में सोनपुर रेल मंडल के मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मानसून के दौरान लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास तेज किया जा रहा है। सोनपुर रेल मंडल द्वारा इसके लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है।

जानकारी के अनुसार इस दिशा में भारतीय रेलवे ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना के सिविल एवं पर्यावरण अभियांत्रिकी विभाग से तकनीकी सहयोग प्राप्त करने का निर्णय लिया है। रेलवे द्वारा उपलब्ध प्रारंभिक दस्तावेजों और छवियों की समीक्षा के उपरांत, आईआईटी पटना के सहायक प्रोफेसर डॉ ओम प्रकाश के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने यह स्पष्ट किया कि जल निकासी की सटीक स्थिति जानने के लिए सभी जल निकासी शाखाओं के इन्वर्ट लेवल समुद्र तल से ऊंचाई, नालों की ढाल (स्लोप), जल निकासी क्षमता, वर्तमान जल निकासी दक्षता, स्टेशन परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों की ऊंचाई (आरएल), स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत निर्मासी संरचना आदि की तकनीकी जानकारियां शामिल है।

बताया गया कि उक्त जानकारी नगर निगम से प्राप्त की जा रही है। साथ ही, रेलवे ने आईआईटी पटना से इस कार्य को एक प्रायोजित परियोजना के रूप में लेने का अनुरोध किया है। इसके लिए ₹40.52 लाख की अनुमानित लागत का विस्तृत बजट प्रस्तुत किया गया है, जिसमें मानव संसाधन, सॉफ्टवेयर, उच्च-रिज़ॉल्यूशन उपग्रह डेटा, यात्रा व्यय और अन्य तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था शामिल है।

ज्ञात हो कि, मुंबई जैसे स्थानों में, जहाँ भूमि की अत्यधिक कमी है, वहां जलभराव की समस्या से निपटने के लिए माइक्रो टनलिंग तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है। यह तकनीक बिना सतह को बाधित किए भूमिगत जल निकासी सुरंगों के निर्माण की सुविधा देती है।

मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी इसी प्रकार की उन्नत तकनीकों के उपयोग की संभावना पर विचार किया जा रहा है, ताकि जलभराव की समस्या का दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा, संरचना के सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन के लिए प्रतिबद्ध है।

 

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