अमर शहीद नीलांबर पीतांबर का सहादत दिवस मनाया गया

ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। अमर शहीद नीलांबर पीतांबर के 165वां सहादत दिवस के अवसर पर 28 मार्च को बोकारो जिला के हद में तेनुघाट में सहादत दिवस बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया गया।

इस अवसर पर सर्व प्रथम विधवत पूजा अर्चना कर धूप अगरबत्ती और पुष्प अर्पित किया गया। तत्पश्चात माला अर्पण किया गया। दोपहर ढाई बजे मुख्य अतिथि गोमियां विधायक ने आदमकद अमर शहीद नीलांबर पीतांबर के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

उसके बाद संध्या चार बजे पूर्व विधायक सह दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री झारखंड सरकार योगेंद्र प्रसाद महतो ने माला अर्पण किया। विशष्ट अतिथि पूर्व विधायक छत्रु राम महतो एवं हजारी टांड़ के मुखिया तरामनी देवी ने भी माला पहनाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

इस अवसर पर वर्तमान विधायक ने अपने सम्बोधन में कहा कि निलांबर पीतांबर स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ने वाले प्रथम क्रांतिकारी थे। पहली बार उन्होंने ही आजादी का बिगुल फुंका था। सन् 1857 में उन्होंने आजादी के लिए विद्रोह किया था। उन शहीदों के कारण ही आज हम सबों को आजादी प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि अमर शहीद नीलांबर पीतांबर को इतिहास के पन्ने में वास्तव में उचीत जगह नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि तेनुघाट सहीद पार्क का नाम नीलांबर पीतांबर पार्क चौक रखा जाएगा। इसके लिए हम सरकार से मांग करेंगे कि नामकरण हो और विधिवत हो।

विधायक ने कहा कि चिड़ियागढ़ा के पास उनके नाम का बहुत जल्द एक तोरण द्वार भी होगा। विधानसभा में अगले सत्र में नीलांबर पीताम्बर के नाम पर सामूहिक अवकाश घोषित होने की मांग किया जायेगा।

पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि शहीद नीलांबर पीतांबर की सहादत व्यर्थ नहीं गई। उनका मकसद था कि अपने हक और अधिकार की लड़ाई एक जुट होकर लड़ना होगा। रहिवासियों को जागरूक करना आज उन्हीं का पद चिन्हों पर चल कर इतनी बड़ी जीत हासिल हुई है कि संपूर्ण भोगता समाज को वर्षो की मांग और चल रही लड़ाई पर जीत हासिल हुई है। इसलिये अपनी ताकत को संगठित करें। आज भोक्ता खरवार समाज के लोग संगठित है। यह बहुत बड़ा मिसाल है।

यहां छत्रु राम महतो, मुखिया तरामनी देवी, बिस सूत्री अध्यक्ष मुकेश महतो, प्रकाश महतो, सचिव रामचंदर गंझू एवं हीरा लाल भोगता प्रवक्ता सह केंद्रीय सदस्य ने बताया कि निलांबर पीतांबर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी थे। उनकी कथा के अनंत गाथाएं हैं, जो संक्षिप्त रूप से वर्णण नहीं किया जा सकता। उनकी शहादत से आज शिक्षा लेने की जरूरत है। उनकी सहादत बेकार नही जानी चाहिये।

मौके पर पेटरवार प्रखंड अध्यक्ष सेवा गंझू, संरक्षक लालमोहन गंझू, भुनेश्वर गंझु, भोला भोगता, जिला अध्यक्ष युवा संघ, पूरण गंझू, बैजनाथ गंझु, सुरेश भोगता, सुरेश गंझु, बृजमोहन भोगता, राजकुमार भोगता, मिनिजर भोगता, जगदीश गंझु, पिंटू कुमार भोगता, काली गंझु, दिनेश गंझू, जेठू गंझु सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।

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