कथा श्रवण कर सुहागिनों ने किया पति के दीर्घायु होने की कामना
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। अपने अपने पतियों के दीर्घायु होने के लिए जेठ अमावश्या 6 जून को बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड क्षेत्र की सुहागिनों ने वटवृक्ष-सावित्री व्रत की।
बताया गया कि कुछ सुहागिनों ने एक दिन पूर्व यानि बीते 5 जून को भी व्रत रखी थी। दूसरे दिन 6 जून को बोकारो जिला के हद में पेटरवार, बुंडू, कोह, चरगी, उत्तासारा, सदमाकला, अरजुआ, पतकी, चांदो, मायापुर, चांपी, खेतको, चलकरी, पिछरी, अंगवाली आदि पंचायतों में सुबह सात बजे से ही सुहागिन व्रतधारी महिलाएं निकट के बरगद वृक्ष के निकट पहुंचना शुरू कर दी थी।
इस अवसर पर अंगवाली के राजाटांड स्थित बरगद पेड़ तले अधिकतर ब्रतधारियों ने आचार्य संतोष चटर्जी के सानिध्य में पूजा अर्चना की। आचार्य ने व्रतधारियों को समूह बनाकर सती सावित्री की कथा सुनाई।

कहा कि जिस प्रकार सावित्री ने अपनी मृत पति सत्यवान की प्राण को यमराज से अपनी सतीत्व व बुद्धिमता द्वारा वापस ले आने में सफल रही। उसी प्रकार की भावना सुहागिनों को अपने पतियों के प्रति रखना चाहिए।
बता दें कि, वट-सावित्री व्रत के अवसर पर सुहागिनों ने नए वस्त्र व गहनों से सुसज्जित पूजन सामग्री तथा दान के लिए वस्तुएं साथ ले गई थी। दान सामग्री में बांस का पंखा यानि धोकनी शामिल था। पूजा उपरांत बांस के पंखे को सुहागिनें अपने घर लाकर पति को हवा दी। बताया जाता है कि कई अन्य पुरोहितों ने अन्य स्थलों पर भी वट-सावित्री की विधिवत पूजा की।
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