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सैकड़ो छत उजड़ने से रहिवासी बेघर व् भुखमरी के कगार पर-मंगल सिंह गिलुवा

सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में नोवामुंडी प्रखंड के बड़ाजामदा रेलवे स्टेशन मुख्य सड़क किनारे बने अनाधिकृत दुकानों व घरों को खाली करने के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलने के कारण सैकड़ो छत उजड़ गए हैं।

उक्त तथ्यों पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भाजपा नेता सह एसटी मोर्चा प्रदेश कार्यकारी सदस्य मंगल सिंह गिलुवा ने कहा कि बड़ाजामदा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में रहने वाले रहिवासी भुखमरी के कगार पर आ गए हैं।

ज्ञात हो कि, रेलवे प्रशासन ने अमृत भारत योजना के तहत बड़ाजामदा स्टेशन पर नए स्टेशन भवन, सर्कुलेटिंग एरिया, कार पार्किंग और रेलवे क्वार्टर के विकास की योजना का निर्णय लिया गया है। इसी योजना को लेकर रेलवे द्वारा रेलवे की जमीन पर अनधिकृत बने घरों को खाली करने के लिए बीते दिनों बुलडोजर चलाया गया।

उक्त रेल भूमि को खाली करवाने के लिए रेलवे प्रशासन ने 20 वर्ष पूर्व से रेलवे के अनाधिकृत जमीन पर बने घरों एवं दुकानदारों को नोटिस भेज कर खाली करने को कहा जा रहा था।

भाजपा नेता सह एसटी मोर्चा के प्रदेश कार्यकारी सदस्य गिलुवा के अनुसार कई रहिवासियों ने अपने स्तर से घरों को खाली भी कर दिया गया था। कुछ गरीब तबके के रहिवासी खाली नहीं कर पाए थे। कहा कि रेलवे प्रशासन द्वारा बड़ाजामदा थाना चौक से रेलवे स्टेशन तक दुर्गा पूजा के बाद फिर से बुलडोजर चलाई जाएगी।

कुछ रहिवासी स्वयं घरो को तोड़कर खाली कर रहे हैं। गिलुवा के अनुसार सैकड़ो रहिवासी पिछले 70 सालो से दादा, परदादा के समय से रेलवे की अनाधिकृत जमीन पर घर एवं दुकान बनाकर रह रहे थे। साथ ही अपना कारोबार चल रहे थे। पिछले 70 साल पूर्व बड़ाजामदा में सिंगल ट्रैक थी।

जैसे-जैसे आयरन ओर कारोबार बड़ाजामदा, गुवा, बड़बिल में फैलने लगा, रेलवे भी अपना विस्तार करने लगी। अब बड़ाजामदा में रहने वाले सैकड़ो रहिवासियों के सर से छत का छाया छिन जाने से सड़कों पर आ गए हैं। अब उनके पास ना अपना कोई कारोबार रहा और ना ही सर छुपाने का छत।सच्चाई है कि जनहित में गरीब तबके को मदद किया जाना चाहिए।

 

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