आचरण की गंगा है श्रीराम कथा-मानस मयूरी शालिनी
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। पेटरवार प्रखंड के हद में चांदो ग्राम में आयोजित श्रीरामचरित मानस महायज्ञ के सप्तम रात्रि बीते 6 अप्रैल को प्रवचन के दौरान काशी से पधारी कथा वाचिका शालिनी त्रिपाठी ने कथा वाचन की।
कथा वाचन के क्रम में मानस माधुरी शालिनी त्रिपाठी ने कहा कि श्रीराम कथा आचरण की गंगा है, जिसमें अवगाहन करना अर्थात प्रभु के चरित्र को जीवन में उतारने से हमारा आचरण पवित्र होता है। उन्होंने कहा कि चरण की गंगा से तन पवित्र होता है जबकि आचरण की गंगा से मन पवित्र होता है। कथा में केवट प्रसंग का सुन्दर वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान गंगा किनारे खड़े होकर केवट से नाव मांगते हैं।
जो परमात्मा बामन रूप धरके एक पग में त्रैलोक्य नाप सकते हैं,तो क्या छोटी सी नदी पार करने के लिए केवट से विनती करते। यह परमात्मा का बड़प्पन है। बड़ा वही होता है जो किसी को छोटा न समझता हो। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम बड़े की बड़ाई और छोटे की छोटाई सदैव दूर करते हैं।
अयोध्या धाम से आए मानस मर्मज्ञ मधुसूदन शास्त्री ने सुंदर काण्ड की चर्चा करते हुए श्रीराम भक्त हनुमान की वीरता का जमकर बखान किया। कहा कि संजीवनी बूटी लाने के क्रम में भरत-हनुमान संवाद का बेबाक व्याख्या किया गया है।
श्रोता दीर्घा में चांदो सहित खूंटा, बसेरिया, भूलन खेतको, गर्री, सिलिसाड़म, रघु बहियार आदि अनेकों गांव के रहिवासी यहां पहुंचकर श्रीराम कथा का रसपान कर रहे हैं। ज्ञात हो कि, 8 अप्रैल को महायज्ञ का विधिवत समापन किया गया।
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