प्रबंधन द्वारा श्रमिक को लंबे समय से न्याय से वंचित रखने का कुंठित प्रयास
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीडीएल कथारा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं में अपनी सेवा दे चुके महाप्रबंधक कार्यालय व् कथारा कोलियरी के साथ वर्तमान में आर्म गार्ड के पद पर कथारा वाशरी में कार्यरत प्रमोद यादव वर्ष 2017 से पे-प्रोटेक्शन के लाभ से वंचित थे। जिसके कारण उन्हें प्रत्येक माह लगभग ₹7000 का नुकसान हो रहा था।
बताया जाता है कि बार-बार प्रबंधन का ध्यान आकर्षण करने के बाद भी प्रबंधन की टालमटोल नीति के कारण उक्त कर्मचारी का समस्या समाधान नहीं हो पा रहा था।
उक्त मामले की जानकारी प्राप्त होने पर इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन (आरसीएमयू) द्वारा मामले में पहल कर पीड़ित श्रमिक को न्याय दिलाने के लिए पहल की गयी। प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मिलने वाले अधिकार से वंचित कामगार को नया फिक्सेशन करवा कर नए बेसिक में बढ़ोतरी के लिए प्रारूप तैयार कर सक्षम अधिकारी का अनुमति प्राप्त कर श्रमिक को न्याय मिल सके इसका निपटारा किया गया। अब उक्त श्रमिक को जुलाई माह के वेतन का जो भुगतान अगस्त माह में होना है उस माह में प्रत्येक महीना ₹10000 का बढ़ोतरी संभव हो पायेगा।
इसके लिए श्रमिक प्रमोद यादव द्वारा यूनियन के प्रति साधुवाद प्रकट करते हुए न्याय दिलाने के लिए आभार प्रकट किया गया है। इस संदर्भ में 4 जुलाई को आरसीएमयू कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष व् बेरमो विधायक प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह ने कहा कि श्रमिक को समय पर मिलने वाला न्याय ही वास्तव में न्याय की श्रेणी में आता है, अन्यथा काफी विलंब से मिलने वाला न्याय मजदूर के साथ शोषण है। कहा कि भविष्य में इस प्रकार से मजदूरों का शोषण ना हो, प्रबंधन इसका विशेष ख्याल रखें।
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