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बुलावे पर जिलाधिकारी से मिला माले प्रतिनिधिमंडल, आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म

मंगलगढ़ में 907 घर उजाड़ने एवं जमीन हेराफेरी का दस्तावेज डीएम को सौंपा

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला के हद में हसनपुर के मंगलगढ़ में 35 वर्षों से बसे 907 भूमिहीन परिवारों को उजाड़ने के खिलाफ जिलाधिकारी के समक्ष 12 मार्च से शुरू अनिश्चितकालीन घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन दूसरे दिन बीते 13 मार्च को देर शाम बुलावे पर भाकपा माले प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (डीएम) से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मामले से संबंधित तमाम सबूतों का दस्तावेज डीएम को सौंपा।

बताया जाता है कि जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा द्वारा दस्तावेज अवलोकन के बाद मामले को गंभीर बताते हुए जांच कराकर उजाड़ने एवं सरकारी जमीन हेराफेरी करने के दोषियों पर कार्रवाई करने एवं जांच में सही पाये जाने पर उजाड़े गए तमाम परिवारों को पुनर्वास कराने का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा आश्वासन दिये जाने की जानकारी भाकपा माले जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार ने 14 मार्च को दी।
इस अवसर पर माले जिला सचिव ने कहा कि समस्तीपुर जिले के तमाम भूमिहीनों को वास भूमि एवं आवास देने, सरकारी जमीन पर बसे को पर्चा एवं पर्चाधारी को कब्जा दिलाने की माले की मांग को भी जिलाधिकारी ने गंभीरतापूर्वक लेते हुए इस दिशा में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

मौके पर तैनात मजिस्ट्रेट के साथ जिलाधिकारी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में भाकपा माले जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार, खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान, जिलाध्यक्ष उपेंद्र राय, माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह, ललन कुमार, मंगलगढ़ रहिवासी ग्रामीण प्रतिनिधि रमेश महतो आदि शामिल थे।
जिलाधिकारी द्वारा दिया गया ठोस आश्वासन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनकारियों को संबोधित किया और उनसे सहमति प्राप्त होते ही दो दिनों से जारी घेरा डालो-डेरा डालो आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की।

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