जिले में मत्स्य पालन को वृहत करने की आवश्यकता-उपायुक्त
एस.पी.सक्सेना/देवघर(झारखंड)। भारत सरकार (India government) मात्स्यिकी पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना को देवघर जिले में लागू करने को लेकर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री (Deputy commissioner Manjunath bhajantri) की अध्यक्षता में 17 मार्च को बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। इस दौरान जिले में योजना के तहत किन किन कार्यो का निष्पादन किया जाय एवं योजना के सफल क्रियान्वयन के साथ जिले के मछुआरों के आय को दुगनी करने संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गयी।
समीक्षा बैठक के क्रम में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना केंद्र एवं राज्य सरकार तथा लाभुकों के बीच अंशदान से संबंधित योजना है। जिसके तहत सामान्य कोटि के लाभुक (पुरुष) द्वारा कुल परियोजना लागत का 60 प्रतिशत अंशदान होगा। जबकि अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लाभुकों के लिए एवं सभी कोटि की महिलाओं के लिए योजना में लाभुक का अंशदान परियोजना लागत का 40 प्रतिशत होगा। शेष राशि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा मिलकर वहन किया जाएगा। बैठक के दौरान उपायुक्त ने आवेदन के संदर्भ में जानकारी देते हुए कहा की लाभार्थियों को पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। साथ हीं प्रधानमंत्री मतस्य संपदा योजना के तहत विभिन्न योजनाओं का चयन किया जाएगा जिसके माध्यम से जिले में रोजगार सृजन में काफी मदद मिलेगी। इससे मतस्य उत्पादन में भी वृद्धि होगी। बैठक के दौरान उपायुक्त भजंत्री द्वारा रंगीन मछली पालन के तहत किये जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को प्रशिक्षित कर इस रोजगार से जोड़ें, ताकि उन्हें सशक्त व आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इनमें मुख्यतः नये ग्रो-आउट तालाब निर्माण,मध्यम आरएएस (रिर्सकुलैट्री एक्वाकल्चर सिस्टम) 6 टैंक, छोटे आकार के आरएएस (रिर्सकुलैट्री एक्वाकल्चर द्य सिस्टम) 1 टेंक, पेन कल्चर, रेफ्रीजरेटेड वाहन, इनसुलेटेड वाहन, दोपहिया वाहन/मोटर साईकिल, आईस बॉक्स के साथ तीन चक्का वाहन आईस बॉक्स के साथ/ई-रिक्शा मछली बिक्री के लिए, मध्यम फीश फीड मिल (प्रतिदिन 8 टन उत्पादन क्षमता) का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बैठक में उपरोक्त के अलावे उपविकास आयुक्त संजय सिन्हा, डीआरडीए निदेशक नयनतारा केरकट्टा, वरीय वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र आनन्द तिवारी, एलडीएम आर.पी.एम.सहाय, जिला मतस्य पदाधिकारी प्रशांत कुमार दीपक, परियोजना उप निदेशक आत्मा देवघर, डीडीएम नाबार्ड, मतस्य प्रसार पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।
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