एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में फुसरो डुमरी मुख्य मार्ग पर स्थित मकोली के डीएवी पब्लिक स्कूल ढोरी में आर्य समाज के संस्थापक महात्मा हंसराज की जयंती बीते 19 अप्रैल को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। विद्यालय के कनीय और वरीय संभाग में हवन तथा अन्य कई प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर प्रातः कालीन प्रार्थना सभा के उपरांत डीएवी ढोरी के प्राचार्य सत्येंद्र कुमार ने विद्यालय परिसर में आयोजित सांस्कृतिक गतिविधियों में बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि महात्मा हंसराज ने न सिर्फ आर्य समाज की स्थापना की वरन उन्होंने कर्म सिद्धान्त, पुनर्जन्म और सन्यास के सिद्धांतों के बारे में भी बताया।
प्राचार्य ने कहा कि डीएवी, सत्यार्थ प्रकाश संस्कार, विधि तथा यजुर्वेद भाष्य के प्रणेता महात्मा हंसराज ने जो वैचारिक क्रांति उत्पन्न की थी, आज उसी का प्रतिफल है कि भारतीय संस्कृति जीवित और जीवंत बनी हुई है। कार्यक्रम में हवन, भजन, कविता वाचन तथा अलग-अलग वक्ताओं द्वारा महात्मा हंसराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमुख रूप से अशोक पाल, श्वेता, आरती, पूजा, सरनजीत, पिंकी मलिक, रिमी, डॉ एस कुमार, डॉ एस बी नारायण, मुकेश कुमार, राकेश कुमार, एल के पाल, एस के शर्मा, साधु चरण शुक्ला सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक, शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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