Advertisement

जीवात्मा व् परमात्मा का मिलन है महारास लीला-आचार्य सुमन्त कृष्ण शास्त्री

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ यात्री विश्रामालय परिसर के मंच पर 24 अगस्त को वृन्दावन धाम से पधारे प्रख्यात कथा प्रवक्ता भागवत रत्न आचार्य सुमन्त कृष्ण शास्त्री कन्हैयाजी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की महा रासलीला गूढ़ रहस्यों से परिपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण लीला बहुत समझने का विषय है। जीवात्मा और परमात्मा का मिलन महारास लीला है। रोम -रोम जिसका भगवत चिंतन में डूबा रहता हो, वह है गोपिकाएं। हर पल हर क्षण जिसका कृष्ण चिंतन में व्यतीत होता हो वह है गोपियां। आचार्य कन्हैयाजी महाराज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रीराधा कृष्ण मंदिर के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के छठे दिन उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जब जब धरा पर धर्म की हानि होती है, तब तब भगवान का अवतार दुष्टों के संहार के लिए होता है। जब पृथ्वी पर कंस का पाप बहुत बढ़ गया तो भगवान ने कंस और उसके दुष्ट अत्याचारी सहयोगियों को मारकर पृथ्वी का भार दूर किया।

द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण और रुक्मणीजी का विवाह कार्य संपन्न

इस अवसर पर यहां बड़े ही धूम धाम और उत्साह के साथ द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण और रुक्मिणीजी का विवाहोत्सव संपन्न कराया गया। पंडाल में उपस्थित सभी भक्तों ने भगवान की बारात का आनंद उठाया। सभी के हृदय उत्साह देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण की माखन लीला का दृश्य अलौकिक था।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *