सरकार द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के अनुसार मनाया गया छठ पर्व
ममता सिन्हा/तेनुघाट(बोकारो)। आस्था व सूर्य उपासना का महापर्व छठ व्रत के तीसरे दिन 20 नवंबर की शाम तथा 21 नवंबर की सुबह को व्रत के अंतिम दिवस उदया भगवान सूर्यदेव को व्रतधारियों एवं श्रद्धालुओं ने अर्ध्य अर्पण कर किया। कोरोना संक्रमण एवं सरकार के गाइड लाइन(Government guide line) के बाद कई छठ व्रतधारी अपने अपने घर पर ही भगवान सूर्यदेव को अर्ध्य दिए तो कई व्रतधारियों ने दामोदर नदी तट (Damodar River Bank) पर जाकर अर्ध्य दिया।
छठ के अवसर पर व्रतधारियों द्वारा अपने अपने घर के आंगन, बाग में गड्ढे खोदकर ईंटे से घेर कर जलकुंड का निर्माण किया। जिस जलकुंड में व्रतधारी द्वारा सूर्यदेव को अर्ध्य दिए। जलकुंड के आसपास परिवार के सदस्यों ने खड़े होकर अस्त होते एवं उदय होते भगवान सूर्यदेव को अर्ध्य दिए। वहीं व्रतधारी उस जलकुंड में उतर कर सूर्यदेव की पूजा अर्चना की। व्रतधारी रीथी विश्वनाथन ने बताई कि कोरोना के समय की लापरवाही का खमियाजा लोगों को भुगतना पड़ा था। गाइड लाइन का पालन नहीं करने से कोरोना की रफ्तार में काफी तेजी आई थी। इसलिए सारी बातें को ध्यान में रखते हुए अपने हमने अपने घर पर जलकुंड बनाकर भगवान सूर्यदेव को अर्ध्य दे रहे हैं। साथ ही भगवान से प्रार्थना किए कि कोरोना जल्द समाप्त हो जाए और फिर अगली बार हम सभी मिल जुलकर एक साथ छठ पर्व की पूजा अर्चना करें। अनुमंडल पदाधिकारी बेरमो अनंत कुमार, गोमिया विधायक लम्बोदर महतो, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कुमार अनंत मोहन सिन्हा सहित श्रद्धालुगण के द्वारा भगवान सूर्यदेव को अर्ध्य दिया गया। तेनुघाट, चांपी, घरवाटांड, सरहचिया, उलगड्डा और आसपास के क्षेत्रों में व्रतधारी माताएं परिवार के साथ तेनुघाट दामोदर नदी के दोनों किनारे पर और जो व्रतधारियों ने अपने घर पर पूजा कर रहे थे, वहां श्रद्धालु जुटे और भगवान भास्कर को श्रद्धा पूर्वक अर्ध्य अर्पण किये। सभी ने घाट पर मास्क लगाकर, शारीरिक दूरी बनाए रख़े जाने के सरकारी नियमो का पालन करने का प्रयास किया। वहीं तेनुघाट पंचायत की मुखिया रेखा सिन्हा ने बताया कि कोरोना के बचाव के कारण घर पर ही भगवान सूर्य को अर्ध्य दिया गया। घर पर अर्ध्य दे रहे सभी सदस्यों का कोरोना जांच भी कराया गया था, जिसमें किसी भी सदस्य कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया था।
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