एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। बिहार की राजधानी पटना के प्रेमचंद रंगशाला में 7 मार्च को महिला दिवस की पूर्व संध्या पर लोकपंच द्वारा माँ तुझे सलाम कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जानकारी देते हुए कलाकार साझा संघ के सचिव सह चर्चित टीवी कलाकार मनीष महीवाल ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पुर्व संध्या पर दी स्ट्रगलर्स, बेरेटर मैनेजमेंट एसोसिएशन एवं हिन्द डिफेंस एकेंडमी के संयुक्त तत्वावधान में मां तुझे सलाम कार्यक्रम आयोजन का भव्य समापन किया गया। बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में माताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करना और उनके योगदान की सराहना करना था।
महीवाल के अनुसार उक्त कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आयी 200 से अधिक माताओं को उनके त्याग, समर्पण और परिवार तथा समाज के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज के कई प्रतिष्ठित नागरिक वृंद जिनमें डॉक्टर, रक्षा कर्मी तथा अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल थे, ने माताओं को सम्मान प्रदान किया।
बताया कि इस अवसर पर बेरेटर मैनेजमेंट एसोसिएशन के संस्थापक डॉ दीवाकर पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि माताएँ समाज की सबसे बड़ी शक्ति होती हैं। उनका नि:स्वार्थ प्रेम, त्याग और समर्पण समाज की मजबूत नींव तैयार करता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम माताओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक प्रयास है। हिन्द डिफेंस अकादमी के संस्थापक एवं भारतीय सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि अनुशासन, संस्कार और देशभक्ति जैसे मूल्य हमें सबसे पहले अपनी माताओं से ही प्राप्त होते हैं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि माताओं का सम्मान करना राष्ट्र का सम्मान करने के समान है।
हिन्द डिफेंस अकादमी के निदेशक दिव्या सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित माताओं और अतिथियों के उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन माताओं के त्याग और शक्ति को सम्मान देना है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं। इस अवसर पर मेंटर एवं ट्रस्टी दिनेश कुमार पांडेय ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि महिलाएँ समाज में माँ, बहन और पत्नी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वे परिवार और समाज की आधारशिला होती हैं तथा अपने संस्कार, प्रेम और समर्पण से समाज को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण एक मजबूत और संतुलित समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली और अंत में माताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का सफल समापन किया गया। इस दौरान हिंद डिफेंस एकेंडमी के बच्चों द्वारा मार्शल आर्ट, पिरामिड, योगा और गीत संगीत का रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कला मंच नौबतपुर के छोटे छोटे बच्चों ने लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की अमर कृति बेटी बेचवा का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर कला संस्कृति प्रकोष्ठ बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वरुण कुमार सिंह, कुमार रविकांत, सनत कुमार, रोशन कुमार, उत्तम कुमार आदि गणमान्य उपस्थित थे
ज्ञात हो कि लोक नाट्य सम्राट भिखारी ठाकुर द्वारा रचित नाटक बेटी बेचवा ग्रामीण समाज में व्याप्त गरीबी, पितृ सत्तात्मक सोच और धन के लालच में बेटियों की बेमेल शादियों व खरीद-फरोख्त जैसी अमानवीय कुरीतियों को प्रभावशाली ढंग से उजागर करता है। नाटक की कथा एक निर्धन परिवार की बेटी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी शादी उसकी इच्छा के विरुद्ध एक वृद्ध पुरुष से कर दी जाती है। यह प्रस्तुति यह भी दर्शाती है कि ऐसी घटनाएँ केवल अतीत की नहीं हैं, बल्कि आज के समाज में भी लालच और मजबूरी के कारण बेटियों के साथ इस तरह के अन्याय की घटनाएँ आए दिन देखने और सुनने को मिल जाती हैं।
नाटक का निर्देशन सोनू कुमार एवं चंदन कुमार द्वारा किया गया, जिनके निर्देशन में लोकशैली, सशक्त अभिनय और भावनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को गहराई से झकझोरा गया। संस्था कलामंच, नौबतपुर पिछले कई वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र में सीमित संसाधनों के बावजूद मगही भाषा और रंगमंच के उत्थान के लिए निरंतर संघर्षरत है।

प्रस्तुत नाटक के मंच पर हर्षिका कुमारी ने उपातो (बेटी), शुभांशु कुमार ने चटक (पिता), रुचि कुमारी लोभा (मां), प्रशांत कुमार ने लौंडा (पुरुष नर्तक), यश कुमार ने गोतिया जोकर, अमन कुमार रमण ने पंच, राजीव रंजन प्रसाद ने दूल्हा, पिंटू कुमार ने दुल्हा के भाई, ओम प्रकाश फजल ने पंडित, आयुष कुमार ने पंडित का बेटा, विधान कुमार ने नाई, निर्झरा रंजन व् सिगमा सिंह ने दुल्हन की सहेली तथा शुभम कुमार, जलज रंजन तथा ऋषभ कुमार ने ग्रामीण की भूमिका निभायी।
जबकि मंच से परे नैपथ्य में हारमोनियम, गायन शंकर बिहारी, नाल सोनू कुमार, कोरस मृणाल कुमार, आदित्य कुमार, अंकुश कुमार, आदर्श कुमार, प्रकाश परिकल्पना रौशन कुमार, वस्त्र विन्यास ओम प्रकाश फजल, अंजू कुमारी, रूप सज्जा कंचन कुमारी, चंचला देवी, मंच सज्जा पंकज कुमार, मीडिया प्रभारी लोक पंच, निर्देशन सोनू कुमार तथा चन्दन कुमार के थे।
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