प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के अंगवाली में मां काली की पूजा 150 वर्षों से होती आ रही है।
किंवदंती के अनुसार जानकारी मिली है कि मां काली की विग्रह अंगवाली के निकट उत्तर दिशा में दामोदर नदी श्मशानघाट (दो मुहानी) से उठाकर यहां वर्ष 1875 ईसवी में स्थापित किया गया था। जिला के हद में जरीड़ीह प्रखंड के पथूरिया रहिवासी पांचू ठाकुर (मुखर्जी) ने पूजा की कमान संभाला। इसके बाद उक्त स्थल पर मिट्टी और ईंट से जोड़ाई कर खपरैल से मंदिर बना।
बताया जाता है कि पांचू ठाकुर के निधन उपरांत उनके पुत्र निवारण मुखर्जी ने पूजा की कमान काफी दिनों तक संभाला। फिर उनके पुत्र बिनोद ने पूजा की कमान संभाले है। बताया जाता है कि इस बीच वर्ष 1970 के दशक में मां की पुरानी मंदिर को भव्य और आकर्षक रूप दिया गया। बीते 25 वर्षों से दिवंगत बिनोद मुखर्जी की पुत्र वधू हीरा मुखर्जी अपने पुत्र, पुत्रियों के सहयोग से हर वर्ष मां की पूजा करते आ रही हैं। वर्तमान में नित्य मंदिर में हीरा मुखर्जी के पुत्र प्रदीप मुखर्जी नियमित रूप से सेवा दे रहे हैं।
मालूम हो कि प्रारंभ से ही अंगवाली गांव के आधा दर्जन संभ्रांत रहिवासी काली पूजा के पूर्व एक कमिटी बनाकर पूजा को विधिवत संपन्न कराते रहे हैं। इस वर्ष काली माता की पूजा 20 अक्टूबर को होना है। कमिटी की ओर से मंदिर की रंगाई, सफाई तथा मां की प्रतिमा निर्माण भी कर ली गई है। नई कमिटी के प्रतिनिधि पूरी तरह सक्रिय हैं।
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