साभार/ मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रही है लेकिन उसके मुखिया राज ठाकरे सुर्खियों में बने हुए हैं और चुनाव प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस और एनसीपी की ओर से स्टार प्रचारक बनाए जाने के बाद से ही राज ठाकरे लगातार राज्य में चुनावी दौरे कर रहे हैं। ऑडियो और विजुअल के सहयोग से बड़े पर्दे पर ‘सबूत’ पेश कर राज ठाकरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे हैं और लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। उनकी जनसभा में काफी भीड़ जमा हो रही है।
चाहे वह राफेल का मुद्दा हो, किसानों की बदहाली हो या बालाकोट राज ठाकरे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के आर्काइव से ‘सबूत’ पेश कर रहे हैं। इन सबूतों में वह आकर्षक शब्दावली को जोड़कर वोटरों का दिल जीतने की कोशिश कर रहे हैं। ठाकरे द्वारा बड़े पर्दे पर न्यूज को प्रसारित करने और फुटेज के इस्तेमाल से कांग्रेस-एनसीपी में कौतूहल पैदा हुआ है और प्रशंसा हो रही है।
विज्ञापन और थिअटर कलाकार अजित भूरे कहते हैं, ‘राज ठाकरे सोशल नेटवर्क और टीवी फुटेज का इस्तेमाल अपनी बात को सही साबित करने के लिए कर रहे हैं। राज ठाकरे पूरे अभ्यास के साथ अपने भाषण देते हैं।’ उधर, अर्थशास्त्री अजित रानाठे कहते हैं कि राज ठाकरे का पूरा ताना-बाना सोशल मीडिया के इर्द-गिर्द गढ़ा हुआ है।
इंजिनियरिंग के ग्रैजुएट अर्चिस पाटिल कहते हैं, ‘महाराष्ट्र में इस तरह की तकनीकों का इस्तेमाल किसी भी राजनेता ने पहले कभी नहीं किया है। आमतौर पर मंच पर किसी नेता का बोलना बोरिंग हो सकता है।’ राज ठाकरे की टेक टीम उनकी किस तरह से मदद करती है, यह सीखने लायक है। राज ठाकरे के साथ काम करने वाले उनके सहयोगियों ने बताया कि एमएनएस चीफ एक शहर से दूसरे का दौरा करते हैं और खुद पटकथा को सुधारते हैं, उसमें स्थानीय मुद्दो को जोड़ते हैं।
कांग्रेस-एनसीपी ने राज ठाकरे से उनके मंच पर आकर भाषण देने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। राज ठाकरे ने नांदेड़ का दौरा किया जहां पूर्व सीएम अशोक चव्हाण मैदान में हैं। कांग्रेस को भरोसा है कि राज ठाकरे का दौरा उनकी मदद करेगा। इसी तरह से राज ठाकरे ने सोलापुर, हटकांगले, सतारा और पनवेल का दौरा किया जहां कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन के स्टार उम्मीदवार मैदान में हैं।
मुंबई साऊथ लोकसभा सीट पर प्रचार करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि यहां से कांग्रेस के प्रत्याशी मिलिंद देवड़ा के पक्ष में आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी का प्रचार करना इस बात का ‘संकेत’ है कि मोदी सरकार जाने वाली है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को जेट एयरवेज मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए था, जिसमें हजारों लोगों की जॉब चली गई।
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