ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार राज ने सम्मेद शिखरजी को झारखंड सरकार (Jharkhand Government) द्वारा पर्यटन स्थल घोषित करने के निर्णय को बदलने की मांग करते हुए इसे तीर्थ स्थल के रूप में ही विकसित करने की मांग की है।
इस संबंध में रालोजपा प्रदेश अध्यक्ष राज ने कहा है कि भारत एक बगीचा है, जहां सभी तरह के फूल खिलते हैं। धार्मिक आस्थाओं के अनुसार जैनियों का यह विश्वस्तरीय तीर्थ स्थल है। ऐसे में इसको पर्यटक स्थल घोषित करना करोड़ों जैन समुदाय के लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला है।
राज ने कहा कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत सरकार के मंत्री पशुपति कुमार पारस को उन्होंने आग्रह किया है कि वह भारत सरकार और राज्य सरकार को पत्र लिखकर अवगत कराएं।
राज ने कहा कि शीघ्र ही रालोजपा का एक शिष्टमंडल झारखंड के मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव से मिलकर इस निर्णय को बदलने की मांग करेगी तथा महामहिम राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपेगी। राज ने कहा कि यद्यपि जैनियों का यह पवित्र तीर्थ स्थल है, लेकिन सभी धर्मों के श्रद्धालू यहां पूजा अर्चना और आराधना के लिए आते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान महावीर सत्य, अहिंसा के प्रतीक थे और उनके भावनाओं के अनुरूप पार्श्वनाथ को तीर्थ स्थल ही बने रहने देना चाहिए। राज ने कहा कि जब सभी धर्मावलंबियों को यहां आने जाने की छूट है।
वैसे में पर्यटन स्थल घोषित करने की कोई बाध्यता सरकार को नहीं थी। यह जल्दबाजी में लिया गया निर्णय है। सरकार देश भर में हो रहे जैन धर्मावलंबियों के आंदोलन को देखते हुए तत्काल प्रभाव से अपने निर्णय में संशोधन कर जैन धर्मालंबियां की भावनाओं का सम्मान करें। राज ने कहा कि जरूरत पड़ी तो रालोजपा इसके लिए अपने स्तर पर भी आंदोलन करेगी।
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