एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड की राजधानी रांची में बेरमो विधायक कुमार जयमंगल के नेतृत्व में ऑल इंडिया साक्षरता प्रेरक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल ने 17 मार्च को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को राज्य में साक्षरता क्क स्थिति से सीएम को अवगत कराया, तथा इसे पुनः चालू करने का आग्रह किया।
ऑल इंडिया साक्षरता प्रेरक संघ झारखंड के नेतृत्व में बेरमो विधायक कुमार जयमंगल सिंह एवं झारखंड प्रदेश कमिटी प्रतिनिधि खुशबु सिंह उर्फ़ पम्मी सिंह के सहयोग से विधानसभा सत्र के अंतिम दिन संध्या विधानसभा में ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर प्रतिनिधिमंडल ने अपनी 10 वर्षों की साक्षरता कार्यक्रम के गतिविधियों को रखा। साथ हीं कहा कि बजते 31 मार्च 2018 को बिना मानदेय भुगतान किए ही कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।
साक्षरता प्रेरकों को बेरोजगार कर दिया गया है, जो कि 1994 में सम्पूर्ण साक्षरता अभियान, उत्तर साक्षरता अभियान, सतत् शिक्षा अभियान, साक्षर भारत मिशन 31 मार्च 2018 को बंद कर दिया गया।
बताया गया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न तरह के जागरूकता कार्यक्रम जैसे स्वास्थ्य जागरूकता, मनरेगा, शिक्षा, निर्वाचन आयोग जैसी बीएलओ, तमाम तरह के कार्यक्रमों को सफल बनाने में सहयोग किए। जिसको लेकर साक्षरता प्रेरकों को समायोजित करने की मांग की गयी।
इस अवसर पर उपरोक्त के अलावा मुख्य तौर पर निम्न नेतृत्व कारी साथी में प्रदेश कोषाध्यक्ष संजित कुमार भंडारी, कार्यकारिणी सदस्य हेमंत लाल प्रजापति, मो. हकिमुद्दीन अंसारी, मोहम्मद जावेद हुसैन, इंद्रदेव प्रसाद, रोशन खातून, नेपाल महतो, राखी मंडल आदि शामिल थे।
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