जलजमाव से घिरे रहिवासियों के लिए बांस का चचरी बना लाइफलाईन-सुरेन्द्र
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर नगर निगम के न सिर्फ शहरी ईलाके बल्कि ग्रामीण ईलाके की भी बड़ी आबादी इन दिनों भीषण जलजमाव से परेशान हाल हैं। वे अपने मकान छोड़कर अन्यत्र किराये पर डेरा लेकर रहने या गांव लौट जाने को मजबूर हैं।
क्षेत्र में जल जमाव का आलम यह है कि कुछ रहिवासी छत पर शरण लिए हुए हैं, तो कुछ चौकी पर चौकी रखकर किसी तरह गुजारा कर रहे हैं। लोग दूध, सब्जी समेत अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री खरीदने के लिए कमर तक पानी होने के वजह से नहीं जा पा रहे हैं। जलजमाव के कहर से बचने के लिए शहर के दर्जनों मुहल्लों के गृहस्वामियों ने बांस की चचरी (बांस की लकड़ी से बना अस्थाई पुल) बनाकर अपने दिनचर्या को अंजाम देने की कोशिश में लगे हैं।
इसे लेकर 1 जुलाई को भाकपा माले समस्तीपुर जिला (Bhakpa Male Samastipur district) स्थाई समिति सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में मो. सगीर, सुनील कुमार आदि ने जल प्रभावित मुहल्लों मसलन विवेक- विहार, आदर्शनगर, आजादनगर, सोनवर्षा, बीएड कॉलेज रोड, कृष्णापुरी, बारह पत्थर, मुसापुर, शिवपुरी, पुराना गैस गोदाम रोड आदि जल जमाव प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बिगड़ती स्थिति का जायजा लिया।
मौके पर माले नेता सुरेन्द्र ने कहा कि नीतीश सरकार की विजन एवं प्लानिंग का अभाव का खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुहल्ला बसने से पहले सरकार को सड़क, नाला, जलापूर्ति, जल निकासी, बिजली आदि मूलभूत सुविधा मुहैया कराने चाहिए, लेकिन नीतीश सरकार ने लोगों को अपने रहमोकरम पर छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि सुखाड़ के समय बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बाबजूद लोग अपनी घर मजबूरी में बना लेते हैं। शहर के बड़े भू-भाग में जल निकासी के लिए नाले का अभाव है। अगर कहीं नाला बना भी तो वो भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ गया है। कई नाले जाम पड़े हैं, तो कई नाले से पानी पास ही नहीं हो रहे हैं। परिणामस्वरूप समस्तीपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी अपने सारे कार्य छोड़कर अपने- अपने घरों, छत के उपर बंद रहने को विवश हैं।
माले नेता सुरेन्द्र ने बताया कि उनमें से परेशान लोगों ने अपने- अपने दिनचर्या पुनः शुरू करने के लिए बांस की चचरी, पुल, सड़क आदि बनाने में हजारों रूपए खर्च करने में लगे हुए हैं। माले नेता ने जिला प्रशासन से जलजमाव क्षेत्रों में छोटी नाव की व्यवस्था करने, कच्चा नाला बनाकर जल निकासी करने, बंद पड़े कल्वर्ट, पुल, पुलिया को खोलकर यथाशीघ्र जल निकासी कराने की मांग की है।
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