जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजस्व समन्वय समिति की बैठक संपन्न
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। जिला मुख्यालय छपरा में सारण के जिलाधिकारी (डीएम) वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में 29 दिसंबर को राजस्व समन्वय समिति की बैठक की गयी।
बैठक में जानकारी दी गई कि परिमार्जन प्लस में ऐसे मामले जिसमें ऑनलाइन जमाबंदी उपलब्ध नहीं है, लगभग 77.5 प्रतिशत मामले निष्पादित किये गये हैं। विगत 15 दिनों में इस श्रेणी के परिमार्जन के सभी अंचलों में 856 मामले निष्पादित किये गए हैं। कर्मचारी स्तर पर 620 तथा अंचलाधिकारी स्तर पर 478 आवेदन लंबित हैं, इनका एक सप्ताह में निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। डिजिटाइज्ड जमाबंदी में सुधार के 3829 आवेदनों का निष्पादन विगत 15 दिनों में किया गया है। इसमें कर्मचारी स्तर पर 1312 तथा अंचलाधिकारी स्तर पर 1046 आवेदन लंबित हैं।
बैठक में पिछले 15 दिनों में जिला के हद में सोनपुर अंचल में निष्पादन की स्थिति असंतोषप्रद पाई गई, अंचलाधिकारी को निष्पादन के लिए डीएम द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया।
दस्तावेजी त्रुटि के निराकरण के लिये वापस किये जानेवाले मामलों में तुरंत निर्णय लेकर कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि अनावश्यक विलंब नहीं हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि परिमार्जन एवं म्युटेशन के आवेदनों के निष्पादन में किसी भी तरह के अनावश्यक विलंब एवं शिथिलता बरतने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। राजस्व से संबंधित अलग-अलग पैरामीटर में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले 10-10 राजस्व कर्मचारियों से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया। कहा गया कि दाखिल खारिज से संबंधित 2698 मामलों का निष्पादन विगत 15 दिनों में किया गया है। सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश सभी अंचलाधिकारियों को दिया गया।
बैठक में 75 दिनों से अधिक समयावधि के म्युटेशन के लंबित मामलों का निष्पादन अगले 10 दिनों में सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया। साथ हीं जिले के सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता को निर्देश दिया गया कि अपने अपने क्षेत्रांतर्गत अंचलों के कार्यों की समीक्षा कर राजस्व कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का नियमित रूप से पर्यवेक्षण करना सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक माह विभिन्न हल्कों का नियमित रूप से निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। म्युटेशन एवं परिमार्जन के पुराने लंबित मामलों के अभिलेख की जाँच कर लंबित रहने का स्पष्ट कारण पता करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सभी भूमि सुधार उप समाहर्त्ता को अपने न्यायालय के सभी लंबित वादों को अविलंब निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। राजस्व महाभियान के तहत प्राप्त सभी आवेदनों को नियमानुसार निष्पादित करते हुए शत प्रतिशत विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने जिले के सभी अंचलाधिकारियों को विभिन्न विभागों की परियोजनाओं यथा – स्वास्थ्य विभाग के तहत स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन निर्माण, शिक्षा विभाग के तहत विद्यालय भवन निर्माण, मंडल कारा छपरा को स्थानांतरित करने, उपकारा मढ़ौरा के निर्माण, बी – सैप केंद्र निर्माण, मढ़ौरा अनुमंडल न्यायालय आदि सभी परियोजनाओं के निर्माण के लिए विभाग द्वारा अधियाचित भूमि का अविलंब चयन कर प्रस्ताव तैयार कर भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
ज्ञात हो कि, विभिन्न परियोजनाओं के लिये भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से विभिन्न मौजों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में सभी हितबद्ध रैयतों से जमीन से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों का समाधान कर दस्तावेज प्राप्त करते हुये मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। वहीं आपदा से संबंधित मुआवजे के भुगतान के लिये लंबित मामलों में अपेक्षित दस्तावेज – जांच प्रतिवेदन अविलंब जिला आपदा प्रबंधन शाखा में भेजने का निर्देश सभी अंचलाधिकारियों को दिया गया। बैठक में अपर समाहर्त्ता मुकेश कुमार, सभी भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी एवं सभी अंचलाधिकारी उपस्थित थे।
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