प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। विदेश में रोजगार के सपने लेकर गए हजारीबाग जिला के हद में विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के अलखरी खुर्द रहिवासी मंगर महतो के 39 वर्षीय पुत्र दशरथ महतो इस वक्त दुबई में बेहद बुरे हालात से गुजर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर केंद्र और राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
वीडियो में दशरथ महतो ने बताया कि पिछले महीने 6 सितंबर को काम के दौरान उनके आंख में गंभीर चोट लगने से समस्या खड़ी हो गई है। वह शानक्सी कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग ग्रुप कंपनी में काम करता था। कंपनी ना ही उन्हें इलाज कर रही है और न ही वेतन दे रही है। जिससे उनका परिवार भी काफी परेशान है और घर में आर्थिक संकट छा गया है।
ज्ञात हो कि दशरथ महतो अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य हैं। उसके कंधे पर पूरे परिवार की परवरिश की जिम्मेवारी हैं। उनके घर में बूढ़े माता-पिता, पत्नी, पुत्र विजय कुमार (17 वर्ष), अजय कुमार (15 वर्ष) और पुत्री पम्मी कुमारी (13 वर्ष) शामिल है। आर्थिक तंगी के वजह से प्रवासी मजदूर दशरथ के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और घर में राशन की किल्लत है।परिजनों ने भी राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि उनके आंख का बेहतर इलाज करवाई जाए और कंपनी द्वारा बीमा राशि भी दिलाई जाए।
सामाजिक कार्यकर्ता सिकन्दर अली ने की सरकार से मदद की अपील
प्रवासी श्रमिकों के लिए काम करने वाले क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता सिकन्दर अली ने प्रवासी मजदूर दशरथ महतो के परिवार से मिलकर केंद्र और झारखंड सरकार से मदद अपील की है। अली ने बताया कि रोजी-रोटी के लिए झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग तथा बोकारो जिले के लाखों रहिवासी परदेश की ओर रूख करते हैं। इस दौरान कई घटनाएं घटित होती हैं, जो काफी दर्दनाक होती है।ना चाहते हुए भी इंसान को जीविकोपार्जन के लिए घर से बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
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