जिले में बढ़ रहे कोरोना केस की संख्या को लेकर जिला प्रशासन गंभीर
एस.पी.सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिले (Bokaro district) मेंं बढ़ रहे कोरोना संक्रमण मामलों की संख्या को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है। इसे लेकर एक अप्रैल को गोपनीय कार्यालय कक्ष में जिला उपायुक्त राजेश सिंह (District deputy commissioner Rajesh singh) ने स्वास्थ्य विभाग व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। मौके पर उप विकास आयुक्त जय किशोर प्रसाद, अपर समाहर्ता सादात अनवर, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार पाठक, चास नगर आयुक्त शशि प्रकाश झा, एसडीओ चास शशि प्रकाश सिंह, उपायुक्त के विशेष कार्य पदाधिकारी देवेश गौतम, नोडल पदाधिकारी डॉ. एन पी सिंह, डीपीआरओ राहुल भारती, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग से कंचन कुमारी, संतोष कुमार व अन्य उपस्थित थे।
बैठक में उपायुक्त राजेश सिंह ने कोरोना संक्रमण के जिले में बढ़ रहे मामले को लेकर पूर्व में गठित कोषांगों को दोबारा सक्रिय करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी कोषांगों का नोडल पदाधिकारी नामित करते हुए कोषांग के कार्य व दायित्व से संबंधित प्लान तैयार करने का संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने इन कोषांगों में कार्य नहीं करने पर कार्रवाई के लिए भी अलग से एक स्थापना कोषांग गठित करने को कहा ताकि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी/कर्मियों के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सके। अनुमंडल पदाधिकारी चास शशि प्रकाश सिंह को उपायुक्त ने कोषांग का गठन एवं वर्क प्लान तैयार करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त सिंह ने सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार पाठक को सामाजिक सुरक्षा, जिला खाद्य आपूर्ति विभाग, जिला कोषागार कार्यालय आदि विभागों से समन्वय स्थापित कर 60 वर्ष से उपर के सीनियर सीटिजन (पेंशन लाभुक) का डाटा संग्रह करने को कहा ताकि लक्ष्य के अनुरूप क्रमवार अभियान चलाकर ऐसे लोगों का टीकाकरण कार्य कराया जा सके। उपायुक्त ने दो अप्रैल तक सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर डाटा प्राप्त करने को कहा। उपायुक्त राजेश सिंह ने सिविल सर्जन/अनुमंडल पदाधिकारी एवं डाटा मैनेजर को बीडीओ/सीओ से समन्वय स्थापित कर अगले एक माह तक विभिन्न पंचायतों में चलने वाले टीकाकरण का प्लान तैयार करने को कहा ताकि किस पंचायत में कहां, किस दिन कितने बजे टीकाकरण होगा, इसकी जानकारी पूर्व से ही लोगों को दी जा सके। विभिन्न माध्यमों से इसका प्रचार-प्रसार किया जा सके। इससे टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहूलियत होगी। उन्होंने रणनीति के तहत योजनाबद्ध तरीके से टीकाकरण अभियान को गति देने की बात कही। जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों, गैर सरकारी संगठन इत्यादि के साथ बैठक कर टीकाकरण का स्थल, तिथि एवं समय जानकारी उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी जनसंपर्क विभाग को दी गई, ताकि अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण के साथ साथ जांच भी किया जा सके।
उपायुक्त सिंह ने संबंधित पदाधिकारियों को होम क्वारंटाइन किए गए मरीजों की मानीटरिंग गंभीरता से करने का निर्देश दिया। उन्होंने इसके लिए ठोस कदम उठाने को कहा। ऐसा नहीं हो कि कोविड संक्रमण मरीज होम क्वारंटाइन के गाइड लाइन का अनुपालन नहीं करते हुए बाहर घूमे। उन्होंने कोरोना संक्रमित मरीजों की कंटेक्ट ट्रेसिंग कार्य में भी गंभीरता बरतने को कहा। मरीज ने किन-किन से मुलाकात की और उन्होंने किन लोगों से मुलाकात की। उन सबका कोविड–19 टेस्ट सुनिश्चित कर जरूरतनुसार ट्रीटमेंट करें। कोविड-19 रोकथाम के लिए जरूरी कार्यो के लिए कुछ वैसे शिक्षकों को भी लगाया जाएगा जिनकी कक्षाएं दुबारा शुरू नही हुई है।
उपायुक्त ने कोविड 19 मैनेजमेंट को लेकर गठित किए जाने वाले कोषांगों के नोडल पदाधिकारी बनाएं जाने को लेकर भी चर्चा की और जरूरी दिशा-निर्देश दिया। इसके साथ ही आने वाले दिनों में कोविड 19 मरीजों की संख्या बढ़ने पर कोविड 19 मैनेजमेंट सेंटरों में बेडों की संख्या बढ़ाने को लेकर भी उपायुक्त ने दिशा-निर्देश दिया।
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