गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक बोर्ड वार्षिक परीक्षा में केके पाठक का असर परीक्षा केंद्रों पर सर चढ़कर बोल रहा है। पूर्व में जहां परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर भीड़ लगी रहती थी, परीक्षा हॉल के खिड़की में चिट लेकर जूझते अभिभावक दीखते थे, आज वे गायब हैं। बोर्ड परीक्षा शांतिपूर्ण व् कदाचार मुक्त होता दिख रहा है।
जानकारी के अनुसार बोर्ड परीक्षा के दूसरे दिन 16 फरवरी को वैशाली जिले के 64 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। इस वर्ष वैशाली जिले के 29 हजार 163 छात्र और छात्रा परीक्षा दे रहे हैं। सभी परीक्षा केंद्र पर शांति व्यवस्था के लिए दंडाधिकारी के साथ पर्याप्त पुलिस बल की नियुक्ति की गई है।
इंटर की परीक्षा में छात्र-छात्राओं को जूता मोजा पहनकर जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन मैट्रिक की परीक्षा में ऐसा नहीं है।
जानकारी के अनुसार बिहार विद्यालय परीक्षा बोर्ड द्वारा जारी निर्देश में यह कहा गया है कि सभी छात्र-छात्राएं जूता मोजा पहनकर परीक्षा देने ना आए। दो पालियों में परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। मैट्रिक परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया गया है।
बताया गया है कि परीक्षा प्रारंभ होने के समय (सुबह 9:30 बजे) से 30 मिनट पूर्व यानी सुबह 9:00 बजे तक और द्वितीय पाली के परीक्षार्थी को द्वितीय पाली की परीक्षा प्रारम्भ होने के समय दोपहर 2:00 बजे से 30 मिनट पूर्व यानी दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर धारा-144 लागू किया है।किसी भी परीक्षा केंद्र से नकल या हंगामे की कोई सूचना नहीं है।
वैशाली के जिलाधिकारी यशपाल मीणा सहित जिले के वरीय पदाधिकारी परीक्षा केंद्रों का दौरा कर रहे है। पहले जहां परीक्षा केंद्रों पर नकल कराने वालों की भीड़ रहती थी, वहीं इस बार कही भी नकल कराने वाले दिखाई नहीं दे रहे हैं।
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