एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में चास मुफस्सिल थाना प्रभारी के खिलाफ किसान संग्राम समिति ने मोर्चा खोल दिया है। समिति के केंद्रीय सदस्य ने थाना प्रभारी पर रिश्वतखोरी और कदाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए 10 अक्टूबर को राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सीआईडी जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार केएसएस द्वारा बोकारो जिले के चास मुफस्सिल थाना प्रभारी प्रकाश मंडल और अन्य पुलिस पदाधिकारियों पर रिश्वतखोरी, मानवाधिकार हनन और निर्दोष को काल्पनिक मुकदमों में फंसाने के गंभीर आरोप लगाया गया है। केंद्रीय सदस्य गयाराम शर्मा ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर आरोपों की उच्च स्तरीय सीआईडी जांच की मांग की है। पत्र की एक प्रति राज्य के मुख्यमंत्री को भी प्रेषित की गई है।
प्रेषित पत्र के अनुसार, थाना प्रभारी पर आरोप है कि उन्होंने भूमि विवाद को आपराधिक प्रकरण में बदलकर निर्दोषों को प्रताड़ित किया और रिश्वत की मांग की है। एक मामले में समीर सिंह चौधरी, पिता अंबुज सिंह चौधरी को रिश्वत के रूप में धनराशि देने के लिए किसी अन्य व्यक्ति का फोन-पे नंबर प्रदान किया गया। आरोप है कि रिश्वत न देने पर पीड़ितों को मनगढ़ंत मामलों में जेल भेजा गया। इसके अतिरिक्त, थाना प्रभारी पर पुलिस के अधिकारों का दुरुपयोग कर आम जनों को डराने-धमकाने और धन उगाही करने का भी आरोप है।
कहा गया है कि स्थानीय रहिवासियों का कहना है कि थाना प्रभारी के कार्यकाल में क्षेत्र में अपराध का ग्राफ बढ़ा है और गुंडे-बदमाशों की सक्रियता में वृद्धि देखी जा रही है। यह भी आरोप है कि प्रभारी स्वयं को प्रभावशाली बताते हुए दावा करते हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इससे क्षेत्र में भय, आक्रोश, अविश्वास और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है।
केंद्रीय सदस्य शर्मा ने पत्र में पुलिस महानिदेशक से अनुरोध किया है कि थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित कर इस मामले की निष्पक्ष सीआईडी जांच कराई जाए, ताकि आरोपों की सत्यता उजागर हो सके और निर्दोष को न्याय मिल सके। उन्होंने यह भी मांग की है कि इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई कर पुलिस और न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास पुनः स्थापित किया जाए। पत्र के साथ क्षेत्रवासियों की शिकायतें भी संलग्न की गई हैं, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाती हैं। यह मामला अब झारखंड पुलिस और प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है। सभी की निगाहें इस दिशा में होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
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