ग्राम संस्कृति बचाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम को बढ़ावा देना जरूरी-अनील
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर(बिहार)। बनी बनाई गांव- समाज की संस्कृति को कुछ गायक द्वारा टीआरपी बढ़ाने, पैसा कमाने के उद्देश्य से जब बर्बाद किया जाने लगा हो तब सांस्कृतिक गतिविधियां जरुरी होती है। इस टास्क को पूरा किए बगैर बेहतर समाज नहीं बनाया जा सकता है।
उक्त बातें 14 मार्च को समस्तीपुर जिला (Samastipur district) के हद में ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर बंगली पर जन संस्कृति मंच की नाट्य- गायन- वादन टीम “दस्तक” के कार्यकर्ताओं के वर्कशॉप को संबोधित करते हुए जसम के चर्चित रंगकर्मी अनील अंशुमन (Anil Anshuman) ने कहा। उन्होंने कहा कि आज जान बुझकर गांव की सभ्यता- संस्कृति को बर्बाद किया जा रहा है। इसे बिकाऊ संस्कृति बनाकर दलित- गरीब- वृद्धा- महिला- बहन- बेटियों- किसान- मजदूरों को अपमानित किया जा रहा है। हमारी सदियों की परम्परा को एक क्षण में नष्ट किया जा रहा है। ऐसे दौर में छात्र- नौजवान-किसान- मजदूरों- बुद्धिजीवियों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि तमाम मर्ज की दवा सांस्कृतिक गतिविधि होता है। इस अवसर पर दस्तक टीम द्वारा ग्रामीण परंपराओं पर आधारित कीर्तन गीतों को प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मौके पर दीपक कुमार, विनोद शर्मा, उमेश शर्मा, मनोज कुमार सिंह, सत्यम शिवम, अरूण शर्मा, शंकर सिंह, बंदना सिंह, ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, बासुदेव राय, भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, संजय शर्मा, हीरा सिंह समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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