एस. पी. सक्सेना/पटना (बिहार)। बिहार की राजधानी पटना के राजेंद्र नगर स्थित प्रेमचंद रंगशाला में 20 फरवरी को राग की प्रस्तुति ख्वाहिशों की काउंटर जंप नाटक का मंचन किया गया।
प्रस्तुत नाटक ख्वाहिशों की काउंटर जंप का निर्देशन युवा रंगकमी राजीव कुमार ने वरिष्ठ रंगकमी रणधीर कुमार के मार्गदर्शन में किया, जिसका उद्देश्य युवा रंगकर्मी भी निर्देशन के क्षेत्र में आगे बढ सके सके।
जानकारी देते कलाकार साझा संघ के सचिव प्रसिद्ध टीवी कलाकार मनीष महीवाल ने बताया कि आज के दौड़ में समाज में बिखरते रिश्तों पर आधारित यह नाटक दर्शकों को काफी पसंद आया।
महीवाल ने बताया कि नाटक का कथासार के अनुसार यहाँ कुछ भी एकमुश्त नहीं है। न इश्क, ना ही शहर और न ही इमोशन। सबकुछ पनछोछर बेतरतीब। ख्यालों के पुल रेल के हिसाब से बनते हैं। रेल गुजरती है पर पुल अब नहीं थर्राता। पहले एक ही प्यार में बदलते माहौल को देखना फिर एक ही माहौल में बदलते प्यार को देखना। हम वहीं खड़े हैं और इश्क का रंग बदल रहा है या फिर हम बदल रहें हैं और इश्क वहीं खड़ा हो। कुछ भी संभव है।
सेल्फी के इस ज़माने में किसी एक तस्वीर को दिल का कवर फोटो बना लेना कितना मुश्किल हो गया है। यहाँ इश्क आज का इश्क नहीं आज इश्क खड़ा है। ख्वाहिशें ज़रा आहिस्ते से, बस अपना अंदाज बदल जाती है। इश्क कोई न्यूज नहीं। नाटक के अनुसार ना राज़ है ज़िन्दगी, ना नाराज़ है ज़िन्दगी। बस जो है, वो आज है ज़िन्दगी।

नाटक के मंच पर अंजलि शर्मा, सुनील कुमार राम, आदिल रशीद, नियति कश्यप, अमरकान्त राय, शिवम कुमार ने बेहतरीन अभिनय किया। जबकि नेपथ्य में (पर्दे के पीछे) सेट निर्माण सुनील कुमार शर्मा, सहायक विनय कुमार व् अभिषेक, पेंटिंग श्रीकांत कुमार, विधान सरकार, आरिश शर्मा, कॉस्ट्यूम अंजलि शर्मा एवं समूह, मंच व्यवस्था सुनील कुमार राम, प्रस्तुति प्रभारी आदिल राशिद, मीडिया प्रभारी लोक पंच,संगीत राजीव कुमार, प्रकाश रणधीर कुमार, लेखक विनीत कुमार के किताब पर आधारित, प्रस्तुति आलेख अंजलि शर्मा, आदिल राशिद एव सुनील कुमार राम, घोषणा कृष्ण समिधा तथा निर्देशन राजीव कुमार के है।
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