दुष्कर्म मामले में दिखी तेजी, तीन कर्मियों का बयान कलमबद्ध
एस.पी.सक्सेना/बोकारो। लंबे समय के बाद ठंढे बस्ते का मामला डीएवी पब्लिक स्कूल स्वांग की महिला कर्मी(अब निष्कासित)का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग(एनएचआरसी) के हस्तक्षेप के बाद पुन: गर्माने लगा है। मामले में सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र के एसओपी ओपी सिंह(अब सेवानिवृत) पर स्कूल के एक महिला कर्मी द्वारा लगाए गए दुष्कर्म का आरोप एकबार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगो के समझ में यह नही आ रहा है कि हाईपोरफाइल मामला के उद्भेदन में पुलिस इतना विलंब क्यो हो रही है।
इस मामले को लेकर पुलिस पर भी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में 30 जनवरी को एनएचआरसी के निर्देश पर बेरमो एसडीपीओ सतीश चन्द्र झा पुलिस टीम के साथ सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र अतिथि गृह पहुंचे। अतिथि भवन परिसर में स्थित निदेशक कक्ष की जांच पड़ताल करने के साथ साथ उक्त गेस्ट हाउस के केयर टेकर नसीम खान, कटेगरी एक कर्मी केशो सिंह व सुरक्षा कर्मी विश्वनाथ दुबे से पुछताछ की। मौके पर ही जांच रिपोर्ट बनते देखे गए। जांच के क्रम में एसडीपीओ झा ने मिडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि आरोपी कि गिरफ्तारी हर हाल में होगी। उससे पहले अनुसंधान का जरूरी है। उन्होंने कहा कि जांच की गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए बहुत सारी बातो को सर्वजनिक नही की जा सकती, ताकि निष्पक्ष जांच में बाधा ना पड़े।
मौके पर बेरमो एसडीपीओ झा के अलावा इस मामले के अनुसंधानकर्ता बालीडीह थाना प्रभारी सह पुलिस इंस्पेक्टर विनोद कुमार, बोकारो थर्मल थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर रविन्द्र कुमार सिंह के अलावे अन्य दर्जनों पुलिस अधिकारी मौजूद थे। ज्ञात हो कि यह मामला क्षेत्र के लोगों के लिए चर्चा का विषय इस बात को लेकर भी है कि सीसीएल के एक उच्च अधिकारी क्या कोई ऐसा काम कर सकता है। इधर पुलिस द्वारा अब तक एसओपी को फरार घोषित करते हुए उनके आवास पर पर्ची भी चस्पा किया जा चुका है। बहरहाल मामला कुछ भी हो मगर इतना तो तय है कि मानव अधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद पुलिस जांच और आरोपी अधिकारी की धर पकड़ को लेकर सख्त दिख रही है।
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