एन.के.सिंह/फुसरो (बोकारो)। झारखंड सहित पूरे बेरमो कोयलांचल में बीते 17 सितंबर की देर शाम को करम डाली की पूजा अर्चना कर हर्षोल्लास के साथ करमा पर्व मनाया गया।
फुसरो नगर परिषद के कारो बस्ती गोमिया, कथारा, बीटीपीएस, गोविंदपुर, झिड़की बस्ती, खेतको, चलकरी, अंगवाली, फुसरो, करगली, मकोली, पिछरी, चन्द्रपुरा, भंडारीदह, तुपकाडीह, चांदो आदि ग्रामीण क्षेत्रों में घर के बने पकवान अक्षत व धूप से करम डाली की पूजा अर्चना कर करमा पर्व मनाया गया।
भाई-बहन के स्नेह और प्रेम की निशानी के रूप में भाद्रपद शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि को हर साल यह पर्व मनाया जाता है। सात दिनों से चल रहे इस पर्व के अंतिम दिन बहनों ने निर्जला उपवास कर और शाम को आंगन में करम पौधे की डाली गाड़कर पूजा अर्चना की और बड़ो से आशीर्वाद लिया।
इस दौरान करमा गीत से पूरा वातावरण गूंजयमान हो उठा। दूसरे दिन 18 सितंबर की सुबह से गली मोहल्ले में रंग बिरंगी लाइटों से सजावट कर अखड़ा को सजाया गया। डीजे साउंड से करमा का गीत चारो ओर बजता रहा। करम डाली की पूजा कर बहनों ने करमा गीत गाकर परिक्रमा करते हुए जागरण किया।
पौराणिक कथाओ के अनुसार करमा और धरमा नामक दो भाइयों ने अपनी बहन की रक्षा के लिए जान को दांव पर लगा दिया था। दोनों भाई गरीब थे और उनकी बहन भगवान से हमेशा सुख-समृद्धि की कामना करते हुए तप करती थी। बहन के तप के बल पर ही दोनों भाइयों के घर में सुख-समृद्धि आई थी।
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