सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में सारंडा के करमपदा गांव में हर घर, जल, नल योजना का कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता दिख रहा है।
इस गांव में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से 10 स्थानों पर अलग-अलग डीप बोरिंग एवं जलमीनार बनाकर तमाम रहिवासियों के घरों में पानी पहुंचाने का कार्य प्रारम्भ हुआ था।
बताया जाता है कि यहां जलमिनार लगने से ग्रामीण रहिवासियों में भारी हर्ष था।
लेकिन गांव का सबसे बड़ा आठ हजार लीटर पानी क्षमता वाला जलमीनार का आरसीसी टंकी में पानी चढ़ाकर ट्रायल लिया गया तो उक्त टंकी से पानी लीकेज की समस्या आ गई।इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
झारखण्ड माइंस मजदूर यूनियन किरीबुरू -मेघाहातुबुरु महासचिव सह समाजसेवी वीरसिंह मुण्डा के अनुसार सरकार तो पैसा खर्च कर रही है, लेकिन ठेकेदार व अधिकारी मिलकर इस पैसा का बंदरबांट कर भारी भ्रष्टाचार से कार्य कर रहे हैं।
जिससे तमाम योजनाएं सारंडा में फेल हो रही है। इसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। मुंडा के अनुसार फेल होती ऐसी योजनाओं की उच्च स्तरीय जांच व दोषियों पर कार्यवाही नहीं होती तथा पूरा पैसा की निकासी हो जाती है। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले, अन्यथा ग्रामीण सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। कहा कि इसे लेकर ग्रामीण आन्दोलन को बाध्य होंगे।
समाजसेवी मुण्डा ने इसकी जांच अविलंब जिला प्रशासन के दिशा निर्देशानुसार कराने की मांग की है।उन्होंने त्वरित कार्यवाही हेतु जनहित में इसकी मांग की है।
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