सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम जिला (West Singhbhum district) के हद में नोआमुंडी और बड़ाजामदा के बीच पड़नेवाले कांडेनाला पुलिया राहगीरों को मौत को आमंत्रण देता है। शासन इस दिशा में यदि कोई समाधान नहीं करती है तो आनेवाले समय में रहिवासियों के लिए उक्त मार्ग परेशानियों का सबब बन सकता है।
ध्यान देने बात यह कि इसके खतरनाक हो का मुख्य कारण तीखा मोड़ है। इस तीखे मोड़ की वजह से कितनो ने अबतक अपनी जान गंवाई है। इस तीखे मोड़ का कोई संकेत बोर्ड नही लगा है। न रात्री में चलने के लिए वाहन चालक के लिए रेडियम लगाए गये है।
जिस कारण आए दिन वाहन चालक धोखा खा जाते है और गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है। कितनी ही दुर्घटनाओं का आंकड़ा प्रशासन की डायरी मे अंकित भी नही होता। सड़क सुरक्षा देखने वाला विभाग का ध्यान इस ओर केन्द्रीत नही होना परिवहन विभाग (Transport Department) की लापरवाही को दर्शाता है।
बताया जाता है कि पुल की अधिकांश रेलिंग वाहन के टक्कर से टुट गई है। टूटी रेलिंग भी प्रमाणित करता है कि यह मोड़ कितना जानलेवा है। इस सड़क से हजारों की संख्या मे रात्री में दो पहिया, चार पहिया एवं भारी वाहनों का आवागमन होता है।
क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के अनुसार इस बारे में परिवहन विभाग को जागरूक करने की कोशिश की जा रही है। अब यह देखना है प्रशासन की नजर में कब ये आता है।
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