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रायपुर में कहानिका अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह का आयोजन

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शांतिनगर स्थित विमतारा भवन में 18 जनवरी को कहानिका हिंदी पत्रिका के तत्वाधान में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

यह आयोजन संध्या 3:30 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक चला, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों, कवियों एवं रचनाकारों ने सहभागिता की। उक्त जानकारी कहानिका हिंदी पत्रिका के प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती ने दी।

आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सह सम्मान समारोह कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ महेंद्र कुमार ठाकुर, शशि दुबे, इंद्रजीत तिवारी ‘निर्भीक’, श्याम कुंवर भारती, डॉ ओम प्रकाश द्विवेदी, डॉ सुनील दत्त मिश्रा तथा शिखा गोस्वामी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इसके पश्चात सरस्वती माता की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। उद्घाटन सत्र का मंच संचालन डॉ रश्मि लता मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में सरस्वती वंदना बिलासपुर के कवियित्री किरण वाजपेई तथा गणेश वंदना, देवी गीत झारखंड बोकारो के श्याम कुंवर भारती द्वारा किया गया। स्वागत गीत रायपुर के सुभाष शुक्ला ने प्रस्तुत किया। जबकि, स्वागत भाषण डॉ रश्मि लता मिश्रा द्वारा दिया गया।
इस अवसर पर पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ श्याम कुंवर भारती द्वारा संकलित सांझा काव्य संग्रह ऑपरेशन सिंदूर, संजय श्रीराम धोत्रे की विनोबा सेवा साधना और समाज नामक पुस्तकों का विमोचन किया गया।

इस अवसर पर स्वर्णलता द्विवेदी, संतोष श्रीवास्तव सम, गोवर्धन लाल बघेल, निवेदिता वर्मा मेघा, भारती यादव मेघा, रूपा कुमारी, अंशिता सिन्हा को काशी हिंदी विद्यापीठ बनारस द्वारा विद्या वाचस्पति मानद सम्मान प्रदान किया गया। देशभर के अनेक साहित्यकारों जिनमें प्रमुख रूप से रश्मि लता मिश्रा, सीमा निगम, डॉ सीमा अवस्थी, नरेंद्र वैष्णव, नावेद रजा दुर्गवी, मिताली श्रीवास्तव वर्मा, डॉ संजय श्रीराम घोटे, गायत्री पांडेय, जगन्नाथ पांडेय, सोनिया सोनो, शिखा गोस्वामी निहारिका, सुधीर श्रीवास्तव, रवि शर्मा ‘राधेय’ सहित अनेक रचनाकार को कहानिका काव्य महारथी सम्मान से सम्मानित किया गया। अतिथियों के उद्बोधन जिसमें विशिष्ट अतिथियों के रूप में शशि दुबे, इंद्रजीत तिवारी ‘निर्भीक’, श्याम कुंवर भारती प्रधान संपादक कहानिका ने अपने व्यक्तव्य में उद्देश्य पूर्ण रचनाओं का सृजन करने का सुझाव दिया, ताकि वे सभी कृतियां मिल का पत्थर बने।

साथ ही व्याकरण, अलंकरण, उपमा, मुहावरों और प्रचलित लोकोक्तियों को प्रस्तुत कर रचनाओं को और भी पठनीय बनाया जा सकता है। इस अवसर पर प्रधान संपादक भारती ने संस्था के कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि संस्था लगातार हिंदी साहित्य, साहित्यकारों और क्षेत्रीय भाषाओं के प्रचार प्रसार व् विस्तार हेतु कार्य कर रही है। कहा कि देश विदेश में साहित्यिक और कवि सम्मेलनों का आयोजन, ऑनलाइन साहित्यिक आयोजन, पत्रिका का डिजिटल और हार्ड कॉपी में प्रकाशन, अनेक एकल और सांझा संकलनों का निःशुल्क प्रकाशन, साहित्यिक प्रशिक्षण और ज्ञानवर्धन किया जा रहा है। इस कड़ी में हरिद्वार, अयोध्या, बनारसी, मैहर, चित्रकूट, इंदौर, काठमांडू नेपाल में आभासी कार्यक्रम व् अन्य कार्यक्रम किया जा चुका है।

बताया कि आगामी 26 मार्च को खाड़ी देश दुबई में अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन होने जा रहा है। इसके बाद मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया और तंजानिया में कवि सम्मेलन होगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र हो पैड कवि सम्मेलन भी प्रारंभ किया जाएगा, जिसमें बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर कवियों और साहित्यकारों को मानदेय देकर आयोजनों में आमंत्रित किया जाएगा। साथ हीं अगला साहित्यिक सम्मान समारोह आगामी 26 फरवरी को झारखंड की राजधानी रांची में होना तय है।

मौके पर डॉ ओम प्रकाश द्विवेदी, डॉ सुनील दत्त मिश्रा तथा मुख्य अतिथि डॉ महेंद्र कुमार ठाकुर ने अपने विचार व्यक्त किए। सम्मान समारोह का मंच संचालन सीमा निगम ने किया। चाय-विश्राम के पश्चात काव्य-पाठ नावेद रजा दुर्गवी के मंच संचालन में सम्पन्न हुआ, जिसमें कुल 20 कवियों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। सभी कवियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। धन्यवाद ज्ञापन श्याम कुंवर भारती ने किया तथा सभाध्यक्ष द्वारा समापन की घोषणा के साथ साहित्यिक कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हो गया।

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