प्रहरी संवाददाता/धनबाद (झारखंड)। ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा की बैठक 2 जुलाई को धनबाद के कोयला नगर स्थित रिक्रेशन क्लब में आयोजित किया गया। बैठक में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) में कार्यरत सभी श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के महामंत्री ए के झा तथा संचालन एस एस डे ने किया।
बैठक को सपन बनर्जी, भवानी बंदोपाध्याय, नंदू यादव, आनंदमय पॉल, मानस चटर्जी, हरि प्रसाद पप्पू, ए के मित्रा, जय कुमार शेखर, रामप्रीत यादव, शकील अहमद, उदय कुमार सिंह, संजीत सिंह ने संबोधित किया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 3 जुलाई तक सभी क्षेत्रीय स्तर पर शाखा एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी प्रस्तावित 9 जुलाई के भारत बंद औद्योगिक हड़ताल को पूर्ण रूप से सफल बनाने की रणनीति पर संयुक्त रूप से विचार विमर्श करेंगे। इस दौरान गेट मीटिंग, मोटरसाइकिल जुलूस, नुक्कड़ सभा, जनसंपर्क अभियान, पदयात्रा, मसाल जुलूस आदि कार्यक्रम तय कर उसे क्रियान्वित करेंगे।

कहा गया कि आगामी 5 जुलाई को प्रातः 9 बजे धनबाद जिला के हद में बीसीसीएल लोदना एरिया के साउथ तीसरा एमओसीपी कॉलोनी के सामुदायिक भवन में संयुक्त मोर्चा की आम सभा की जाएगी। 7 जुलाई को दोपहर 3 बजे संयुक्त मोर्चा द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया जाएगा। वहीं आगामी 8 जुलाई को संपूर्ण बीसीसीएल में यूनिट और एरिया स्तर पर मसाल जुलूस संध्या 5 बजे निकाला जाएगा।
बैठक के बाद प्रेस को जारी वक्तव्य में आरसीएमयू महामंत्री ए के झा ने कहा कि भारत की वर्तमान भाजपा सरकार कोयला मजदूरों सहित देश के संगठित और असंगठित मजदूरों के साथ किए वादे से मुकर गई है। देश के तमाम पब्लिक सेक्टर को चंद पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है। ठेका/ आउटसोर्सिंग मजदूर ₹5000 प्रतिमाह के वेतन पर जीने के लिए मजबूर हैं। देश के करोड़ों नौजवानों के रोजगार के हर दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। कोल इंडिया की संपत्ति चंद पूंजीपति निजी स्वार्थ में इस्तेमाल कर रहे है।
उन्होंने कहा कि भारत कोकिंग कोल लिमिटेड और पूरी कंपनी पर अस्तित्व का खतरा मंडरा रहा है। 44 श्रमिक कानून में प्राप्त सुविधा और मजदूर हित की बात समाप्त कर 4 लेबर कोड लागू किया जा रहा है। इसमें पूंजीपतियों को मजदूर के वेतन कम करने, हड़ताल के अधिकार पर प्रतिबंध, ग्रेच्युटी और पेंशन के अधिकार से अलग करने, सप्ताह में 90 घंटे काम करने, 8 घंटे के पाली को 12 घंटा करने जैसी अमानवीय कानूनी अधिकार नियोक्ता को दिया जा रहा है।
बताया कि मेडिकली अनफिट कामगार के बच्चे को प्राप्त सुविधा समाप्त कर दी गई है। शांतिपूर्ण हड़ताल के अलावा हमारे पास बीजेपी सत्ता ने कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। झा ने कहा कि कोयला क्षेत्र में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी सभी भयाक्रांत हैं, इसलिए भय और आतंक के वातावरण को समाप्त करने, न्याय और हक की मांग करने के लिए आगामी 9 जुलाई को प्रस्तावित हड़ताल में हम सभी श्रमिक संगठनों, मजदूरो, आउटसोर्सिंग ठेका मजदूरों से अपील करते हैं कि पूरी ताकत और ईमानदारी के साथ इस हड़ताल को सफल बनाकर अपनी एकता का परिचय दें।

झा ने कहा कि 9 जुलाई के प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल को इंडिया गठबंधन के सभी राजनीतिक दलों और देश के संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना पूर्ण समर्थन देने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और उसके मुखिया हेमंत सोरेन के प्रति विशेष रूप से आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने मजदूरों की लड़ाई को अपना पूर्ण समर्थन दिया है।
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