एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड तीसरा मोर्चा की आवश्यक बैठक 24 फरवरी को झारखंड की राजधानी रांची के पुराना विधानसभा सभागार में आयोजित किया गया। अध्यक्षता मोर्चा के संयोजक सह राज्य के पूर्व मंत्री लालचंद महतो ने की।
बैठक की कार्यवाही शुरू करने के पूर्व संत रविदास जयंती के अवसर पर उपस्थित जनों द्वारा उनके चित्र पर पुष्पांजलि की गई।
इस अवसर पर बैठक को संबोधित करते हुए मोर्चा के संयोजक लालचंद महतो ने कहा कि झारखंड तीसरा मोर्चा राज्य की जनता को विकल्प देने का काम करेगी। उन्होंने एनडीए व राज्य में महागठबंधन सरकार को लूट झूठ की सरकार बताते हुए कहा कि झारखंड के आम जनता राज्य गठन के इन 22 सालों में ठगा महसूस कर रही है, जिन्हें आने वाला दिन में झारखंड तीसरा मोर्चा विकल्प देने का काम करेगी।
पूर्व मंत्री महतो ने राज्य के न्याय प्रिय जनता से तीसरा मोर्चा को हर तरह से सहयोग देकर झारखंड में मजबूत बनाने की अपील की है। बैठक में बीते 19 फरवरी को राजभवन के समक्ष हुई झारखंड तीसरा मोर्चा का ईवीएम हटाने और लोकतंत्र बचाने के सवाल पर हुई धरना कार्यक्रम की समीक्षा की गई।
वहीं मोर्चा से जुड़े सभी पार्टी व संगठनों को लेकर आगामी 10 मार्च को मोर्चा का प्रथम सम्मेलन राज्य की राजधानी रांची में करने, लोकसभा चुनाव में जनदावेदारी को मजबूत बनाने तथा राज्य में मोर्चा के कार्यक्रम को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए आगामी 29 फरवरी को रांची में झारखंड तीसरा मोर्चा के घटक पार्टियों व संगठनों के राज्य के मुख्य पदाधिकारी खासकर अध्यक्ष व संयोजक को लेकर बैठक करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में बहुजन सदान मोर्चा के रांची जिला महासचिव अब्दुल खालीक, लोकहित अधिकार पार्टी के सुनील साहू, संपूर्ण भारत क्रांति पार्टी के प्रवीण कच्छप, झारखंड नवनिर्माण दल के विजय सिंह, आम अवाम विकास मोर्चा के जितेंद्र ठाकुर, सदान विकास परिषद के डॉक्टर सत्यप्रकाश मिश्रा, आदि।
राष्ट्रीय जय हिंद पार्टी के शमीम अंसारी, बहुजन मुक्ति पार्टी के रंजीत महतो (अधिवक्ता), पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के उपेंद्र प्रसाद सिंह, झारखंड जन क्रांति मोर्चा के अमरेंद्र कुमार, एपीआई के फातिमा कंडोर, अखिल भारतीय मानव सेवा दल के शिवप्रसाद अग्रवाल आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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