एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से 60-40 नियोजन नीति एवं 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति के विरोध में झारखंड बंद को झारखंड बचाओ मोर्चा ने नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है।
मोर्चा के केंद्रीय मुख्य संयोजक लोबिन हेंब्रम एवं केंद्रीय संयोजक सह पूर्व विधानसभा प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने नैतिक रूप से समर्थन दिया है।
उक्त बातें 17 अप्रैल को झारखंड बचाओ मोर्चा के केंद्रीय संयोजक सह पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने कहीं। नायक ने समस्त आदिवासी मूलवासी संगठनों से अपील किया है कि वे 19 अप्रैल की झारखंड बंदी को सफल बनाने के काम में लगे, ताकि वैसे ताकत जिन्होंने झारखंडी भावना एवं झारखंड अलग राज्य के मूल उदेश्य को नकार कर फेंकने तथा सपनो को तोड़ने का काम किया।
वैसे तत्वों को पता चल सके कि आदिवासी, मूलवासी झारखंडी समाज अब अपने भावना, झारखंड के वीर शहीदों के सपनों को कुचलने वाली सरकार को अब चैन से नही बैठने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि अपना हक और अधिकार को लेने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा।
नायक ने कहा कि झारखंड के आदिवासी, मूलवासी समाज इस नीति के विरूद्ध काफी गंभीर है। सड़क पर संघर्ष करने से पिछे नही हटकर झारखंड विरोधी वैसे ताकतों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तत्पर है, ताकि ऐसी झारखंड विरोधी नीति तय करने से पहले सरकार को लाखो बार सोचने का कार्य करने हेतु मजबुरन बाध्य होना होगा।
उन्होंने कहा कि आज सरकार एवं पुलिस प्रशासन द्वारा बंद समर्थक को 107 का नोटिश देकर गिरफ्तार किया जाना शर्म का विषय और आक्रोश का बिंदु है। अगर जल्द से जल्द 60-40 नियोजन नीति मे बदलाव एवं खतियान आधारित स्थानीय नीति नही लागु किया गया तो झारखंड बचाओ मोर्चा चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करेगी।
नायक ने कहा कि आंदोलन के दौरान ऐसा भी हो सकता है कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल को घेरा भी जा सकता है, इसलिए शासन प्रशासन इस घटना को हल्के में लेने का कार्य नही करें। नहीं तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
नायक ने साफ शब्दों में कहा कि आगामी 19 अप्रैल को झारखंड बचाओ मोर्चा झााखंड बंद का नैतिक समर्थन करेगा और अपनी प्रतिबद्धता झारखंडी समाज के आदिवासी, मूलवासी समाज के साथ खड़े रह कर उनके सभी संघर्ष मे कदम कदम पर साथ देने का अपना वचन निभायेगा।
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