प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। झारखंड (Jharkhand) आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 3 सितंबर की देर शाम गिरिडीह जिला (Giridih district) के हद में बगोदर में मशाल जुलूस निकाला गया। मशाल जुलूस का नेतृत्व मोर्चा के केंद्रीय सदस्य रूपलाल महतो कर रहे थे।
मशाल जुलूस बगोदर बस पड़ाव से निकाल कर समूचे बगोदर बाजार का भ्रमण करते हुए पुनः बस पड़ाव पहुंची। जहां जुलूस नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गई। सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय सदस्य रूपलाल महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को लेकर सरकार का रवैया सकारात्मक नहीं है।
उन्होंने कहा कि झारखंड अलग हुए 21 साल बीतने के बावजूद भी झारखंड आंदोलनकारियों को पेंशन नही चालु किया गया है। साथ ही अब-तक शहीद हुए आन्दोलनकरियो के आश्रितों को नौकरी नहीं दी गई है।
यह राज्य सरकार द्वारा झारखंड़ आंदोलनकारियों के प्रति दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी 15 नवंबर तक झारखंड आंदोलनकारियों के पेंशन को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो झारखंड स्थापना दिवस 15 नवंबर को एक दिवसीय बंद का आह्वान किया जाएगा।
मशाल जुलूस कार्यक्रम में झारखंड आंदोलनकारी टहल महतो, बालेश्वर प्रसाद, सोबरन रविदास, बंसी रविदास, जय मेहता, शंकर महतो, हेमलाल कोल्ह, टेको प्रसाद, छात्रधारी महतो, बलराम चौरसिया, लूटन महतो, सीताराम कोल्ह, खेमलाल कोल्ह, समशुल खान, सलाउद्दीन अंसारी, तालो महतो समेत दर्जनों आंदोलनकारी मौजूद थे।
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