बाल विवाह को समाप्त करने की प्राथमिकता तय
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखंड के 24 जिलों के स्वयंसेवी संस्था के लीडरों का दिल्ली के विश्व युवा केंद्र में बाल अधिकार के मुद्दे पर सघन रूप से कार्य करने को लेकर बीते 15 से 18 मई तक गहन विमर्श किया गया। इस दौरान झारखंड को बाल विवाह मुक्त बनाने सहित बाल दुर्व्यवहार एवं बाल यौन हिंसा को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया गया।
इस संबंध में सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने 18 मई को बताया कि झारखंड में बाल दुर्व्यवहार की बहुत सारी घटनाएं होती हैं, जिनको सभी साथी मिल कर दूर करने का संकल्प लिए हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड से बच्चों का गलत तरीके से व्यापार कर देश के विभिन्न हिस्सों में यौन हिंसा तथा घरेलू काम के लिए उपयोग किया जाता है, जिसको रोकना हमारा सबसे पहला कदम होगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड के सभी 24 जिलों के सक्रिय संस्थाओं के साथियों ने अपने अपने जिलों में बाल विवाह रोकने, बाल दुर्व्यवहार को समाप्त करने तथा बाल हिंसा के मामले में पीड़िता को कानूनी मदद पहुंचाने का कार्य करेंगे।
इस दौरान बीभीए के सचिव सुरेश शक्ति ने कहा कि बाल यौन हिंसा के खिलाफ सकारात्मक सोच के साथ काम किया जाएगा।
इस अवसर पर झारखंड ग्रामीण विकास ट्रस्ट के शंकर रवानी, वनवासी विकास आश्रम के सुरेश कुमार, शक्ति जन सेवा परिषद के रामलाल प्रसाद, छोटानागपुर संस्कृति केंद्र की प्रियंका सिंह, आश्रय से दीपा कुमारी, लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान के प्रोग्राम मैनेजर विक्रम कुमार, अग्रगति से किरण दत्ता, समाधान से संजीव कुमार, चेतना विकास से रानी कुमारी, ग्राम साथी से देवेंद्र कुमार, मंथन से विप्लव कुमार, नीलम बेसरा, बिनोद प्रामाणिक, आभा देवी, राजन कुमार, कोलेश्वर कुमार, चंद्रशेखर प्रसाद, अभिताभ घोष, देवश्री आदि उपस्थित थे।
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