यूनियन द्वारा 6 अक्टूबर को घेरा डालो- डेरा डालो आंदोलन की घोषणा
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। जनता मजदूर संघ के पदाधिकारीयों का बोकारो जिला के हद में सीसीएल ढ़ोरी क्षेत्र के एएडीओसीएम परियोजना के अधिकारीयों के साथ परिचात्मक बैठक 4 अक्टूबर को पीओ कार्यालय में आयोजित की गयी थी। उक्त बैठक में परियोजना के प्रबंधक मानव संसाधन अभिषेक कुमार सिंहा के अलावा कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं रहे। जिसके कारण जनता मजदूर संघ के पदाधिकारी ने उक्त बैठक का बहिष्कार किया और 6 अक्टूबर को अमलो परियोजना में एक दिवसीय घेरा डालो- डेरा डालो आंदोलन की घोषणा की।
इस अवसर पर परियोजना प्रबंधन की उदासीन रवैये से क्षुब्ध जमसं ढोरी क्षेत्रीय सचिव विकास सिंह ने कहा कि हमारी यूनियन से परियोजना के अध्यक्ष और सचिव द्वारा प्रबंधन को एजेंडा दिया गया था, परंतु लगभग 2 महीने बीत जाने के बावजूद प्रबंधन इस पर सकारात्मक पहल नहीं की। कहा कि प्रबंधन को तुरंत बुलाकर एजेंडा पर बैठक करनी चाहिए थी। अभी प्रबंधक एचआर एक शार्ट नोटिस देकर वार्ता के लिए बुलाए थे, पर वार्ता सफल नहीं हो पायी। इस कारण आगामी 6 अक्टूबर को पीओ कार्यालय के समक्ष घेरा डालो- डेरा डालो आंदोलन किया जायेगा।
क्षेत्रीय अध्यक्ष धीरज पांडेय तथा उपाध्यक्ष ओम शंकर सिंह ने कहा कि जब से हमारी परियोजना की नई कमेटी का गठन हुआ था, तब से कमेटी द्वारा कई बार प्रबंधन को पत्र देकर समीक्षात्मक बैठक का अनुरोध किया गया था। वहीं काला बिल्ला लगाकर भी काम किया गया, पर प्रबंधन उस पर ध्यान नहीं दिया। आज शॉर्ट नोटिस में वे सभी समीक्षात्मक बैठक के लिए यहां आए पर परियोजना के प्रबंधक एकआर को छोड़ कोई अधिकारी मौजूद नहीं थे। इस कारण उन्होंने बैठक का बहिष्कार कर 6 अक्टूबर को अमलो पीओ कार्यालय के समक्ष घेरा डालो -डेरा डालो प्रदर्शन की घोषणा की है।
इसे लेकर प्रबंधक एचआर अभिषेक कुमार सिन्हा ने कहा कि यूनियन के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित था, बावजूद इसके इधर लगातार ख़राब मौसम तथा व्यस्त कार्यक्रम के कारण बैठक नहीं हो पाया। कहा कि जमसं यूनियन द्वारा एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित था, आज इसी संदर्भ में धरना ना देने हेतु बैठक बुलाई गई थी। मौके पर परियोजना के अध्यक्ष आशीष झा, सचिव चंद्रभान सिंह सहित मुकेश सिंह, दीपक कुमार, लालू केवट, भोला यादव, महादेव दास, गोपाल नायक, समरेश सिंह, प्रदीप सिंह, ललन यादव, शगुन दास, संजय जयसवाल आदि मौजूद थे।
![]()













Leave a Reply