जन सुराज के सभी प्रत्याशी हवा हवाई, होंगे क्लीन बोल्ड
गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी द्वारा वैशाली जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी खड़े किए गए हैं। गति एक वर्ष से वैशाली जिले में जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर द्वारा अच्छा संगठन कायम किया गया।
जन सुराज के बिहार की राजनीति में इंट्री से वैशाली जिले के स्वच्छ छवि के सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं में एक नई दिशा प्राप्त हुई। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर का दावा है कि वे अपनी साफ-सुथरी और ईमानदार राजनीति से बिहार को बदल देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वे बिहार के गांव-गांव घूम कर योग्य जनों की पहचान करेंगे। उन्हें राजनीति में लाएंगे और जनता के सामने एक अच्छा विकल्प पेश करेंगे। इस बार यहां की जनता के सामने एक विकल्प है, इसलिए वे जात धर्म से ऊपर उठकर राज्य के बादलाव के लिए वोट करेंगे। लेकिन वैशाली जिले में प्रशांत किशोर की ये आदर्शवादी बाते थोथला साबित हो रही है।
ज्ञात हो कि वैशाली जिले में जिन सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जन सुराज पार्टी का संगठन खड़ा करने में अपना तन-मन-धन अर्पित किया। जब चुनाव में प्रत्याशी बनने की बारी आई तो प्रशांत किशोर ने जिले के विधानसभा क्षेत्र में ऐसे ऐसे प्रत्याशियों को लाकर खड़ा कर दिया। जिसे जिस क्षेत्र में चुनाव हो रहा है उसका भौगोलिक ज्ञान तक नहीं है।

वैशाली जिला जन सुराज महिला अध्यक्ष अलका देवी जो अपने पंचायत की मुखिया भी है पूरे जिले में घूम घूम कर संगठन खड़ा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया और लालगंज विधानसभा से प्रत्याशी बनने की आशा में थी। इनके अलावे लालगंज विधानसभा क्षेत्र से वैशाली जिला परिषद अध्यक्ष आशुतोष कुमार दीपू भी लालगंज विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी के उम्मीदवार थे, लेकिन जब इनके भाई को कांग्रेस ने टिकट दिया तो यह जन सुराज से अलग हो गयी। लालगंज से जन सुराज की ओर से अमर कुमार सिंह उर्फ अमर पटेल जो शिक्षा से जुड़े हैं और महानार जंदाहा क्षेत्र के रहिवासी हैं को लालगंज विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया गया।
जिनका लालगंज क्षेत्र में पहले से कोई चर्चा तक नहीं थी। जिस वजह से लालगंज के जन सुराज से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता चुनाव में अलका देवी को छोड़कर सभी राजद प्रत्याशी शिवानी शुक्ला के प्रचार में लग गए। कुछ जन सुराजी भाजपा के प्रत्याशी के प्रचार में देखे जा रहे हैं। जो यहां से जनसुरज के प्रत्याशी हैं उनके साथ कुछ बाहरी कार्यकर्ता और उनके कुछ निजी सहयोगी देखे जा रहे हैं।
इसी तरह हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र से हाजीपुर शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी कृष्ण भगवान सोनी पूरे हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र में गत वर्ष से जन सुराज का संगठन खड़ा करने में अपना समय और पैसा लगाया।इसके अलावे हाजीपुर के ही सामाजिक कार्यकर्ता निशांत गांधी भी जन सुराज से हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र से टिकट की आशा में जुड़े और प्रशांत किशोर की हाजीपुर में जो कई एक सभा हुई उसमें जी जान से उसे सफल बनाने में अपना सहयोग दिया। लेकिन, हाजीपुर विधानसभा में जन सुराज ने दिल्ली सुप्रीम कोर्ट की महिला अधिवक्ता प्रतिमा सिन्हा जो वैशाली गढ़ की मूल रहिवासी हैं को अपना प्रत्याशी बनाया है।
हाजीपुर से जन सुराज ने जिस महिला को अपना प्रत्याशी बनाया है, उनका भी हाजीपुर के मतदाताओं या यहां के गांव से कोई संबंध नहीं रहा और ना ही यहां जन सुराज के किसी कार्यक्रम में शामिल हुई। जिस वजह से हाजीपुर के जन सुराजी कृष्ण भगवान सोनी ने राजद को अपना लिया है। वहीं निशांत गांधी अपने बलबूते पर हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
कुल मिलाकर प्रशांत किशोर ने जिले के विधानसभा में जिन-जिन प्रत्याशियों को खड़ा किया है उनमें से अधिकांश संगठन से जुड़े हुए नहीं रहे। जिस वजह से इससे जुड़े कार्यकर्ता उनके किसी भी प्रत्याशी को भरपूर सहयोग नहीं कर रहे हैं। महनार विधानसभा क्षेत्र से जन सुराज के संस्थापक सदस्यों में एक डॉक्टर राजेश कुमार चौरसिया को प्रत्याशी बनाया गया है। जिले के पातेपुर विधानसभा क्षेत्र से महुआ के पूर्व विधायक व केंद्रीय राज्य मंत्री दसई चौधरी को प्रत्याशी बनाया गया है।
महुआ विधानसभा क्षेत्र से इंद्रजीत प्रधान को प्रत्याशी बनाया गया है, जहां से अवकाश प्राप्त डीआईजी मोहम्मद अब्दुल्ला चुनाव लड़ना चाहते थे। हाजीपुर के एक चिकित्सक को वैशाली विधानसभा से प्रत्याशी बनाया गया है, जिनको वैशाली विधानसभा का भूगोल का ज्ञान भी नहीं है।
राजापाकर सुरक्षित क्षेत्र से मुकेश राम को प्रत्याशी बनाया गया है जो अपने पंचायत के मुखिया भी रह चुके हैं। जिले के राघोपुर क्षेत्र से जहां महागठबंधन के मुख्यमंत्री प्रत्याशी तेजस्वी यादव चुनाव लड़ रहे हैं से प्रशांत किशोर ने खुद चुनाव लड़ने की पहले घोषणा की थी और बड़े तामझाम से चुनावी सभा का आगाज राघोपुर से किया था। वहां से चंचल सिंह जन सुराज के उम्मीदवार हैं।
इस तरह वैशाली जिले के सभी विधानसभा क्षेत्र में प्रशांत किशोर ने बड़े अजीबो गरीब तरीकों से प्रत्याशी का चयन किया, जिसका खामियाजा वैशाली जिले में जन सुराज को भुगतना पर रहा है। किसी भी विधानसभा क्षेत्र में जन सुराज के प्रत्याशी महागठबंधन या एनडीए प्रत्याशी के साथ चुनाव संघर्ष में नहीं है। राघोपुर और राजापाकर को छोड़कर अन्य किसी क्षेत्र में जन सुराज के प्रत्याशी 2000 से अधिक वोट लाने की स्थिति में नहीं है। जैसी जानकारी मिल रही है कि जिले के विधानसभा क्षेत्र में किसी क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी का जमानत बचाना शायद मुश्किल होगा।
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