गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर शहर की नारकीय स्थिति के विरोध में 12 अक्टूबर को प्रतिरोध मार्च निकाला गया। प्रतिरोध मार्च में शहर के सैकड़ो रहिवासी शामिल थे।
जानकारी के अनुसार हाजीपुर के समाजसेवियों द्वारा जन संघर्ष मोर्चा के बैनर तले संस्कृत कॉलेज प्रांगण से पूर्व केंद्रीय मंत्री दसई चौधरी के नेतृत्व में एक जन आक्रोश मार्च निकाला गया, जो शहर के मुख्य मार्गो से होते हुये समाहरणालय परिसर पहुंचा।
आक्रोश मार्च में हाजीपुर के सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र प्रसाद, अधिवक्ता मुकेश रंजन, प्रोफेसर वीर भूषण यादव, निशांत गांधी, ज्योत्स्ना सिंह, परवीन कुमार इत्यादि सैकड़ो आमजन शामिल हुए।
इस अवसर पर पूर्वमंत्री दसई चौधरी के नेतृत्व में जिला पदाधिकारी वैशाली को नगर परिषद के पदाधिकारियों की कारगुजारी की जांच से सम्बंधित एक मांग पत्र अनुमंडल पदधिकारी के माध्यम से दिया गया। मांग पत्र में कहा गया कि नगर परिषद द्वारा पिछले वर्ष करोड़ो की नई मशीन खरीद की गई।
वह रखे रखे खराब हो रहा है, लेकिन हाजीपुर शहर के रहिवासी जल जमाव और गंदे नाली के पानी मे चलने को मजबूर है। मांग पत्र के माध्यम से जिला पदाधिकारी से शहर में चल रहे सीवरेज योजना और एनजीओ के माध्यम से सफाई योजना में हो रहे लूट खसोट की जांच की मांग की गयी है।
कहा गया कि नगर परिषद द्वारा हर वर्ष छठ पर्व पर नदी घाट की सफाई पर लाखों रुपया खर्च दिखाया जाता है जबकि काम कुछ भी नही होता। सिर्फ सफाई के नाम पर अधिकारी और जनप्रतिनिधि झाड़ू के साथ फोटो खिंचवा कर खानापूर्ती कर लेते हैं।
इस वर्ष भी छठ पर्व घाट सफाई के नाम 30 लाख रूपये का ठेका दिया गया जिसका भी बन्दर बाट होना है। मांग पत्र में जिला पदाधिकारी से इन सभी कार्यो की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
233 total views, 1 views today