रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। सोहराय पर्व के चौथे दिन बोकारो जिला के हद में सोनपुरा पंचायत के सिली साडम टोला, लाहेरजरा में परंपरागत जले महा का भव्य आयोजन श्रद्धा, उत्साह और आदिवासी सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप किया गया।
इस अवसर पर पंचायत के मुखिया चंद्रशेखर हेंब्रम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वार्ड सदस्य चंद्र देव टुडू, मांझी हड़ाम, सयमलाल मांझी, बीओआई कैशीयर गोविंद सोरेन, जोग मांझी, प्रकाश सोरेन, राजेश टुडू, विमल सोरेन, मनोज टुडू, करमचंद मुर्मु, रघु टुडू और करमचंद मरांडी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा उपस्थित रहे।

जले महा आयोजन के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए गांव की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और समाज की एकता के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गीत-संगीत से पूरा क्षेत्र उत्सवमय हो उठा। मुखिया चंद्रशेखर हेंब्रम ने अपने संबोधन में कहा कि सोहराय और जले महा हमारी आदिवासी संस्कृति, प्रकृति और सामूहिक जीवन दर्शन का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।
हमारी परंपराएं ही हमारी पहचान हैं और आने वाली पीढ़ियों तक इनका संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सोहराय पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन और पशुधन के संरक्षण का संदेश भी देता है। पंचायत स्तर पर पारंपरिक संस्कृति को जीवित रखने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को सोहराय पर्व की शुभकामनाएं दीं और सामूहिक रूप से सामाजिक एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
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