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जैन समाज रांची की सारदा वोरा की इच्छानुसार मरनोपरांत अंगदान

एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। जैन समाज रांची की सारदा वोरा की इच्छा से उनके मरणोपरांत उनका विधिवत अंगदान किया गया है।

जानकारी देते हुए गुजराती जैन समाज के मीडिया प्रभारी हरीश दोषी उर्फ राजू भाई ने 11 अप्रैल को बताया कि रांची की सारदा वोरा गुजरात प्रदेश के राजकोट की रहने वाली थी। हाल के कुछ वर्षो से रांची मे रह रही थी। उनका जीवन बहुत हीं शालीन एवं भक्तिमय रहा।

उनकी लम्बे समय से हार्दिक इच्छा थी कि मरणोपरांत उनके कुछ अंगों को यथा आँख का दान (नेत्र दान) किया जाये, ताकि उनके मरणोपरांत उनकी आँखो से दुनिया के रंगीन नज़ारे देख सके। राजू भाई ने बताया कि सारदा वोरा के पुत्र परेश वोरा, पुत्री पल्लवी मेहता, दामाद विनायक लाल मेहता आपस मे सलाह कर नेत्र दान किया जाये ये सुनिश्चित किया।

इस सन्दर्भ मे डॉ पारस एवं हरिश दोषी से परामर्श कर आँखो के दान हेतु रिम्स मेडिकल आई बैंक को नेत्र दान करने का निर्णय किया। इस क्रम मे डॉक्टर राहुल रिम्स आई डिपार्टमेंट के डॉक्टर राजीव रंजन, डॉक्टर असलम, आई बैंक के राहुल मुर्मू, अभिमन्यु कुमार के संयुक्त प्रयास से सफलतापूर्वक नेत्र दान संभव हो सका। नेत्र दान की विधि आर्किड हॉस्पिटल मे संपन्न हुई।

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