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गांधी व शास्त्री जयंती पर जेल अदालत, कानूनी जागरूकता शिविर व् मेडिकल कैंप

ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट उपकारा (जेल) में बीते 2 अक्टूबर को जेल अदालत सह कानूनी जागरूकता शिविर एवं मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में जेल बंदी शामिल हुए।

उपकारा में आयोजित कानूनी जागरूकता शिविर में बंदियों को संबोधित करते हुए व्यवहार न्यायालय तेनुघाट के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राज कुमार पांडेय ने सबसे पहले गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती की बधाई दी। बंदियों को शास्त्रीजी और गांधीजी का मूल सिद्धांत के बारे में जानकारी दी और उनके बताए गए मार्ग पर चलने को कहा। उन्होंने कहा कि हमें अपने आसपास स्वच्छ रखना चाहिए। इसलिए आप भी स्वच्छता को बरकरार रखते हुए जेल को स्वच्छ रखें। जिससे बीमारियों से दूर रहा जा सकता है।

साथ ही बंदियों को उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि वैसे बंदी जो स्वयं के खर्च पर अपना अधिवक्ता रख पाने में असमर्थ हैं, उनके लिए सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के निर्देश पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के तहत अधिवक्ताओं की प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था की गई है। जो उन बंदियों के केस में संबंधित न्यायालय में निरंतर पैरवी करते हैं। उन्होंने बताया कि इसी के तहत प्रत्येक महीने जेल अदालत एवं बंदियों के लिए मेडिकल कैंप का आयोजन किया जाता है।

इस अवसर पर डॉ शंभू कुमार ने स्वास्थ्य सम्बन्धित कई जानकारी बंदियों को दी। बताया कि हम सभी को आजादी से जीने का हक है। मगर, हमें कानून का भी पालन करना चाहिए। कहा कि जिस तरह हमारा अधिकार है, उसी तरह हमारा कर्तव्य भी है। उन्होंने बताया कि हमें नशे से दूर रहना चाहिए, जिससे हमें कई बीमारियां होती है। जानकारी देते हुए कहा कि हमें शिक्षा की ओर ध्यान देने की जरूरत है। अगर शिक्षित होंगे तो अपराध से दूर हो सकते है।

बताया जाता है कि इस अवसर पर जेल में लगे मेडिकल कैंप में बंदियों ने अपना स्वास्थ्य जांच कराया। जिसमें सामान्य जांच, आंख जांच और दांत जांच शामिल है। मौके पर पैनल अधिवक्ता पांडव कुमार पांडेय ने भी बंदियों को बताया कि हमें हमेशा कानून के दायरे में चलना चाहिए। जिससे हमें कभी भी किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। मंच संचालन कर रहे अधिवक्ता सुभाष कटरियार ने बताया कि हमेशा हम गुस्से में आकर कोई ना कोई गलतियां कर देते हैं। इसलिए हमें कभी भी गुस्सा नहीं करना चाहिए। जिससे हम किसी भी प्रकार के गुनाह करने से बच सकते हैं। स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन करते हुए जेलर नीरज कुमार ने भी बंदियों को बताया कि यह जेल नहीं सुधार गृह है। हमें यहां से अपने आप को सुधार कर और पड़ोसी को भी गुनाह करने से रोकना होगा।

इससे पूर्व सभी गणमान्य जनों द्वारा लाल बहादुर शास्त्री और महात्मा गांधी की तस्वीर के ऊपर माल्यार्पण और फूलमाला अर्पित किया गया। मौके पर जेल लिपिक इश्तियाक अंसारी, कंप्यूटर ऑपरेटर विजय कुमार, पीएलवी मदन प्रजापति, लैब तक्नीशियन परमानंद दास, एसटीएलएस अमीर हुसैन, कोऑर्डिनेटर नंदिनी सिंह, कंपाउंडर संजय कुमार मंडल सहित जेल कर्मी आदि उपस्थित थे।

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