एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। लोहा चोरों और कबाड़ियों के लिए बोकारो जिला के हद में बेरमो कोयलांचल सदा मुफीद रहा है। कबाड़ के धंधे से जुड़े लोग कथित तौर पर मजदूर लगाकर क्षेत्र के ढोरी, बीएंडके और कथारा के कोयला खदान और वाशरी परिसर से लोहा चोरी को अंजाम देते रहे हैं।
जानकारी के अनुसार अब जब क्षेत्र की अधिकांश कोयला खदाने और वाशरी बंद हो चुकी हैं। खदान परिसर इन लोहा चोर कबाड़ियों के लिए वरदान बने हुए हैं। बंद कोल वाशरी प्लांट और कोलियरियों का लोहा संपत्ति पर लगातार हाथ साफ कर रहे हैं।
बताया जाता है कि करगली वाशरी सीसीटी बंकर और डीआर एवं आरडी परियोजना के लिये दामोदर नदी पर बने पुल लोहा चोरों का पहले ही निशाना बन चुकी है। क्षेत्र के रहिवासियों से मिली जानकारी के मुताबिक पूरा इलाका चोरों के निशाने पर हैं। रहिवासियों ने बताया कि लोहा चोरी कर कबाड़ वालो को बेचना अब क्षेत्र के बेरोजगार बिगड़े युवाओं का मुख्य रोजगार बन चुका है।
भाजपा नेता भाई प्रमोद सिंह, दिनेश सिंह, टुनटुन तिवारी और आजसू नेता महेंद्र चौधरी ने कहा कि चोरी को लेकर स्थानीय इंटरनेट मीडिया पर चल रही सूचनाएं बताती है कि यहां रात के अंधेरे में योजनाबद्ध तरीके से लोहा चोरी को अंजाम दिया जा रहा है।
पहले कबाड़ियों के गुर्गो द्वारा डाका डाला जाता था। अब चोरी को अंजाम दिया जा रहा है। क्षेत्र के कबाड़ी की प्रतिद्वंद्वता के चलते चोरी के लोहे के दाम घटते बढ़ते रहते हैं।
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