प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (Communist party of india) झारखंड राज्य कार्य समिति के सदस्य एवं झारखंड आंदोलनकारी इफ्तेखार महमूद ने कहा है कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा इंटरमीडिएट की जारी की गई सत्र-20-21 की रिजल्ट में छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ न्याय नहीं किया गया है। परीक्षा परिणाम में घोषित मापदंड का अनुपालन भी नहीं किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इंटरमीडिएट का बिना परीक्षा लिए ही ग्यारहवीं क्लास के परीक्षाफल को आधार बनाकर इंटरमीडिएट का रिजल्ट बनाया गया है, किंतु ग्यारहवीं के परीक्षाफल मे इंटरनल मार्क्स के रूप में जो 10 नंबर आवंटित की गई थी।
उसे घटाकर शेष बचे प्राप्तांक के आधार पर रिजल्ट तैयार किया गया। जिससे उत्तीर्ण होने वाले छात्र भी अनुत्तीर्ण हो गए या प्राप्तांक कम हो गया है। ज्ञातव्य है कि इंटरमीडिएट के रिजल्ट का झारखंड के तीन लाख एकतीस हज़ार छात्र छात्राओं का संबंध जुड़ा हुआ है।
इसे लेकर 4 अगस्त को कामरेड महमूद ने कहा कि जैक द्वारा इंटरमीडिएट रिजल्ट के लिए घोषित मापदंड के अनुसार 11वीं के परीक्षा में प्राप्तांक को पूर्णांक 50 की जगह 80/100 बनाकर प्राप्तांक निर्धारित करना है।
साथ हीं विद्यालयों/महाविद्यालयों को 20 नवंबर तक का मार्क्स इंटरनल मार्क्स के अनुरूप देना है, लेकिन जैक द्वारा उक्त घोषित मापदंड का अनुपालन पूर्व के प्राप्तांक में से 10 नंबर घटाकर किया गया है, जो बिल्कुल अन्यायपूर्ण प्रतीत होता है।
भाकपा नेता ने कहा कि जिन विषयों में प्रैक्टिकल होता है उसके रिजल्ट में अतिरिक्त अनियमितता देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट के रिजल्ट में जो अनियमितता है, उससे छात्र छात्राओं को अनावश्यक कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने ग्यारहवीं के रिजल्ट में आवंटित 10 नंबर के मार्क्स को बिना घटाये इंटरमीडिएट के रिजल्ट के लिए घोषित मापदंड का अनुपालन सुनिश्चित करने की जोरदार मांग राज्य सरकार के शिक्षा विभाग से किया है।
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