किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान भी आवश्यक-निदेशक
के.के.सिंह/सिवान (बिहार)। सिवान जिला (Siwan district) के हद में जीरादेई प्रखंड क्षेत्र के डिवाइन पब्लिक स्कूल पथार देइ जामापुर में एक सितंबर को बौद्धिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक सुभाष चंद प्रसाद ने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ -साथ व्यवहारिक ज्ञान भी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र बाबू का आदर्श हम सबको नई दिशा, ज्ञान व व्यवहारिकता का पाठ पढ़ाता है। निदेशक ने कहा कि देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद मेधावी विद्यार्थी थे, जो अपनी प्रतिभा से अंग्रेज शिक्षकों को काफी प्रभावित किये तथा अपनी दक्षता का मिशाल कायम किए। उन्होंने कहा कि इस महापुरुष के आदर्शो को आत्मसात कर हम सब अपनी मंजिल को पाने में कामयाब हो सकते है।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साथ नैतिक चरित्र और भारतीय सभ्यता व संस्कृति पर जोर दिया जाए। विद्यालय के प्राचार्य शिवानी विक्रम ने कहा कि छात्रों में बौद्धिक ज्ञान भरना हमारी प्राथमिकता है।
प्रत्येक छात्र डॉ राजेन्द्र प्रसाद बने यही हमारा संकल्प है। इस मौके पर सुभाष प्रसाद प्राइवेट आईटीआई (ITI) भरथुईगढ़ के प्राचार्य आलोक कुमार, फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य डॉ एस गोस्वामी एवं पूर्व मुखिया अनिल चौहान ने भी विचार व्यक्त किया।
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